बोकारो में टोटो की लिथियम बैटरी हैक होने से चालक हलकान, कंपनी ने बताई किसकी शरारत
E-Rickshaw: बोकारो में शरारती युवक ब्लूटूथ के जरिए टोटो की लिथियम बैटरियों को बंद कर चालकों को परेशान कर रहे हैं, जिससे चार दिनों में 100 से अधिक वाहन ...और पढ़ें

शरारती युवक ई-रिक्शा की बैटरी को कर रहे हैक। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
शरारती युवक ब्लूटूथ से टोटो की बैटरी बंद कर रहे।
बोकारो में 100 से अधिक टोटो चालक हुए प्रभावित।
चालकों को सतर्क रहने और पासवर्ड बदलने की सलाह।
जागरण संवाददाता, बोकारो। अगर आप टोटो संचालक हैं और आपके वाहन में ब्लूटूथ कंट्रोल वाली लिथियम बैटरी लगी है तो सतर्क रहने की जरूरत है। शरारती युवक इसी तकनीक का दुरुपयोग कर टोटो चालकों को परेशान कर रहे हैं।

पिछले चार दिनों में बोकारो शहर में 100 से अधिक टोटो की बैटरियां अचानक बंद हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि युवक बैटरी का पासवर्ड ब्रेक करने वाले मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर ब्लूटूथ के जरिए बैटरी को लॉक या ऑफ कर दे रहे हैं। इससे चलते वाहन अचानक बंद हो जा रहे हैं और चालकों को घंटों तक परेशानी उठानी पड़ रही है।
दुंदीबाद के वर्कशॉप संचालक रंजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि कई चालक बैटरी खराब होने की शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन कंपनी से संपर्क करने पर पता चला कि बैटरी में तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि उसे ब्लूटूथ के माध्यम से बंद किया गया था।
अब तक पुलिस में शिकायत नहीं, बढ़ी टोटो चालकों की चिंता
हैरानी की बात यह है कि अब तक इस मामले में पुलिस के पास कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है। इसलिए शरारती तत्वों की पहचान और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। टोटो संचालकों का कहना है कि यदि कोई अनजान युवक वाहन के आसपास मोबाइल लेकर संदिग्ध तरीके से मंडराता दिखे तो सतर्क रहें और उस पर नजर रखें।
साथ ही बैटरी का डिफॉल्ट पासवर्ड बदलें, अनावश्यक ब्लूटूथ कनेक्शन से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस व बैटरी कंपनी को दें। लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं ने इलेक्ट्रिक वाहनों की साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनियों से भी मांग की जा रही है कि ब्लूटूथ सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाए, ताकि इस तरह की शरारतों पर रोक लग सके।
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रोजगार पर पड़ रहा सीधा असर, कंपनी से रीसेट करानी पड़ रही बैटरी
बैटरी बंद होने के बाद टोटो चालकों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे मौके पर उसे दोबारा चालू नहीं कर पा रहे हैं। कई मामलों में बैटरी को रीसेट कराने के लिए अधिकृत डीलर या कंपनी के तकनीकी सहयोग की जरूरत पड़ रही है। इससे चालकों का पूरा दिन खराब हो जाता है और रोजाना होने वाली आमदनी पर सीधा असर पड़ता है।
वर्कशॉप संचालकों का कहना है कि शुरू में उन्हें बैटरी में तकनीकी खराबी का संदेह हुआ, लेकिन जांच में अधिकांश मामलों में हार्डवेयर खराब नहीं मिला। इससे यह आशंका और मजबूत हुई कि ब्लूटूथ सिस्टम के जरिए बाहरी हस्तक्षेप कर बैटरी को लॉक किया जा रहा है।