हाथियों की हरकत पर नजर, ग्रामीणों के लिए सुरक्षा साधन बना ‘हमार हाथी 2.0’ ऐप
Hamar Hathi 2.0 App: वन विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए 'हमार हाथी 2.0' ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप हाथियों की ...और पढ़ें

हाथियों के हमले से झारखंड के ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान। ( प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
हाथियों की मौजूदगी की तुरंत जानकारी देता है 'हमार हाथी 2.0' ऐप।
उपयोगकर्ता हाथी देखने पर ऐप पर जानकारी साझा कर सकते हैं।
यह ऐप मानव-हाथी संघर्ष कम कर ग्रामीण सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
जागरण संवाददाता, बेरमो (बोकारो)। Bokaro News:ग्रामीण इलाकों में हाथियों के अचानक प्रवेश से होने वाले हादसों को रोकने और मानव–हाथी संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से वन विभाग ने ‘हमार हाथी 2.0’ मोबाइल ऐप को अब आम जनता के लिए उपलब्ध करा दिया है। यह ऐप ग्रामीणों के लिए एक प्रभावी चेतावनी प्रणाली के रूप में काम करेगा, जिससे समय रहते सतर्कता बरती जा सकेगी।
प्रशिक्षु आइएफएस अधिकारी संदीप शिंदे ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से किसी भी व्यक्ति को अपने आसपास हाथियों की मौजूदगी की त्वरित जानकारी मिल जाती है। ऐप में जीपीएस आधारित नक्शे की सुविधा दी गई है, जिससे यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि हाथियों का झुंड या कोई अकेला हाथी व्यक्ति से कितनी दूरी पर है और किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि यदि कोई ग्रामीण या राहगीर हाथी को देखता है, तो वह तुरंत ऐप पर इसकी सूचना साझा कर सकता है। सूचना मिलते ही ऐप से जुड़े सभी उपयोगकर्ताओं को अलर्ट भेज दिया जाता है। इससे गांव के लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जा सकते हैं और अनावश्यक जोखिम से बचा जा सकता है।
‘हमार हाथी 2.0’ ऐप हाथी भगाओ दल के लिए भी काफी उपयोगी साबित हो रहा है। जैसे ही किसी क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलती है और वहां आबादी या गांव नजदीक होते हैं, हाथी भगाओ दल को तुरंत अलर्ट मिल जाता है। इसके बाद टीम मौके पर पहुंचकर हाथियों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भगाने का प्रयास करती है। रात के समय भी दल लगातार जंगल और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की स्थिति को ऐप के माध्यम से अपडेट करता रहता है।
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इस ऐप के जरिए हाथियों की वर्तमान स्थिति, उनकी दूरी, प्रभावित क्षेत्र और उनके गुजरने के समय जैसी अहम जानकारियां तुरंत उपलब्ध हो जाती हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में काफी मदद मिल रही है।
उल्लेखनीय है कि पहले यह ऐप केवल वन विभाग द्वारा आंतरिक डेटा संग्रह और निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इस तकनीकी पहल से न केवल मानव–हाथी संघर्ष को कम करने में मदद मिल रही है, बल्कि ग्रामीणों में सुरक्षा और भरोसे की भावना भी मजबूत हो रही है।