बोकारो: भूमि रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, लैंड पोजिशन सर्टिफिकेट के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य
चास अंचल में भूमि रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा रोकने और नामांतरण व एलपीसी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य कर दी गई है। ...और पढ़ें
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HighLights
भूमि रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा रोकने जियो टैगिंग अनिवार्य।
एलपीसी और नामांतरण प्रक्रिया अब होगी अधिक पारदर्शी।
राजस्व उप निरीक्षक स्थल निरीक्षण कर ही देंगे प्रमाण पत्र।
जागरण संवाददाता, चास। भूमि रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े को रोकने नामांतरण व लैंड पोजिशन सर्टिफिकेट एलपीसी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य कर दिया गया है।
चास अंचल अधिकारी सेवा राम साहू ने सभी उप निरीक्षकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बिना जियो टैगिंग के एलपीसी निर्गत नहीं किया जाएगा। इसके तहत राजस्व उप निरीक्षकों को किसी भी जमाबंदी प्रमाण पत्र या पंजी-दो के सत्यापन से पहले स्थल निरीक्षण करना होगा।
स्थल निरीक्षण कर जियो टैग फोटोग्राफ अक्षांश देशांतर करने के पश्चात ही जमाबंदी प्रमाण पत्र का सत्यापन करना सुनिश्चित करें। साथ ही सभी संबंधित को नोटिस व आम सूचना निर्गत करने के पश्चात ही प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा, ताकि होने वाले फर्जीवाड़ा पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सके।
सीओ ने नोटिस निर्गत करते हुए कहा कि झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी नियमावली 2011 के तहत लैंड पोजिशन सर्टिफिकेट का निर्गमन के लिए दस दिन का समय निर्धारित है।
निर्धारित समय सीमा के अंदर राजस्व उप निरीक्षक स्थल का जियो टैग फोटोग्राफ देने के साथ निर्गत करना सुनिश्चित करेंगे। बिना स्थल निरीक्षण कर राजस्व दस्तावेजों के आधार पर जमाबंदी प्रमाण पत्र एवं ऑनलाइन पंजी दो मेल पर हस्ताक्षर करना नियम संगत नहीं है।