रेलवे कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब शताब्दी-राजधानी में चार सीट की पास सुविधा
Railway Board ने पे लेवल 11-17 के अधिकारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के यात्रा पास नियमों में बदलाव किया है। ...और पढ़ें

पुल पर गुजरती वंदे भारत एक्सप्रेस। (फाइल फोटो)
HighLights
रेलवे पास पर अब शताब्दी में चार सीटें मिलेंगी।
पे लेवल 11-17 के अधिकारियों को मिलेगा सीधा लाभ।
परिवार के साथ यात्रा करना अब होगा और आसान।
जागरण संवाददाता, बोकारो। रेलवे बोर्ड ने रेलवे कर्मचारियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों और उनके आश्रितों के लिए यात्रा पास नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब पे लेवल-11 से 17 के अधिकारियों को प्रिविलेज पास (पीपी), पोस्ट रिटायरमेंट कॉम्प्लिमेंट्री पास (पीआरसीपी) तथा विधवा पास (डब्ल्यूपी) पर यात्रा के दौरान दो के बजाय चार सीटों की पात्रता मिलेगी। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में गुरुवार को आदेश जारी कर दिया है।

अब तक इन श्रेणी के कर्मचारियों को शताब्दी एक्सप्रेस की चेयरकार (सीसी) में केवल दो सीटों की सुविधा मिलती थी, जबकि राजधानी और दुरंतो एक्सप्रेस की थ्री एसी श्रेणी में चार बर्थ की पात्रता पहले से निर्धारित थी।
इस असमानता को समाप्त करते हुए रेलवे बोर्ड ने शताब्दी एक्सप्रेस की चेयरकार की पात्रता को भी राजधानी और दुरंतो एक्सप्रेस की थ्री एसी श्रेणी के बराबर कर दिया है। यानी अब रेलवे कर्मचारी और सेवानिवृत्त अधिकारी अपने पास पर चार यात्रियों के लिए सीट आरक्षित करा सकेंगे।
रेलवे बोर्ड के अनुसार, कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही थी कि शताब्दी एक्सप्रेस की चेयरकार में मिलने वाली सीटों की संख्या भी राजधानी और दुरंतो ट्रेनों के समान की जाए। इस प्रस्ताव पर वाणिज्य निदेशालय के साथ विचार-विमर्श और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद निर्णय लिया गया।
इस आदेश का लाभ पे लेवल-11 से 17 के कार्यरत रेलवे अधिकारियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों तथा पात्र विधवाओं को मिलेगा। इससे परिवार के साथ यात्रा करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा। पहले चार सदस्य होने पर दो सीटों की सीमा के कारण अतिरिक्त टिकट खरीदने पड़ते थे, लेकिन अब चारों यात्रियों की यात्रा पास के तहत हो सकेगी।
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रेलवे बोर्ड ने सीआरआईएस (CRIS) और एचआरएमएस (HRMS) को निर्देश दिया है कि वे पीआरएस और ई-पास मॉड्यूल में तत्काल आवश्यक संशोधन करें, ताकि नई व्यवस्था जल्द लागू हो सके। यह आदेश रेलवे मंत्रालय के वित्त निदेशालय की सहमति से जारी किया गया है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से हजारों कार्यरत एवं सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और यात्रा पास व्यवस्था अधिक व्यावहारिक एवं सुविधाजनक बन सकेगी।