Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    INS Taragiri में स्वदेशी स्पेशल स्टील का दम, 4,000 टन का हुआ उपयोग

    By Deo Kant Tiwari Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Sat, 04 Apr 2026 06:49 PM (IST)

    SAIL ने भारतीय नौसेना के चौथे स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस तारागिरी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मझगांव डाक शिपबिल्डर्स द्वारा निर्मित इस ...और पढ़ें

    INS Taragiri को स्वदेशी स्पेशल स्टील से मिली मजबूती।

    INS Taragiri को स्वदेशी स्पेशल स्टील से मिली मजबूती।

    HighLights

    1. सेल ने आईएनएस तारागिरी को 4,000 टन स्टील दिया।

    2. विशेष ग्रेड स्टील बोकारो, भिलाई, राउरकेला में बना।

    3. भारत के रक्षा स्वदेशीकरण में सेल का महत्वपूर्ण योगदान।

    जागरण संवाददाता, बोकारो। इस्पात मंत्रालय (Steel Ministry)  के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक महारत्न कंपनी स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने नीलगिरी-श्रेणी (प्रोजेक्ट 17ए) के चौथे स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस तारागिरी को भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    इस युद्धपोत को बीते तीन अप्रैल को नौसेना में शामिल किया गया। इस युद्धपोत का निर्माण मझगांव डाक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा किया गया है, जिसमें सेल द्वारा आपूर्ति किए गए लगभग 4,000 टन विशेष ग्रेड के स्टील प्लेटों की पूरी जरूरत का उपयोग किया गया है।

    इस विशेष इस्पात का उत्पादन सेल के बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों में किया गया है, जो कंपनी की उन्नत धातुकर्म क्षमताओं और निरंतर गुणवत्ता मानकों को प्रदर्शित करता है।

    सेल भारत के रक्षा स्वदेशीकरण प्रयासों में प्रमुख रूप से अपनी भूमिका निभा रहा है और सरकार के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया मिशन को लगातार मजबूती प्रदान कर रहा है। कंपनी ने इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण नौसैनिक प्लेटफार्मों के लिए स्पेशल स्टील की आपूर्ति की है।

    सेल ने स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत और प्रोजेक्ट 17ए श्रेणी के पहले तीन जहाज आईएनएस नीलगिरी, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि के लिए भी स्टील की आपूर्ति की है।

    आईएनएस तारागिरी का नौसेना में शामिल होना रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का एक बड़ा प्रमाण है और यह दिखाता है कि देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में घरेलू इस्पात उद्योग का कितना बड़ा योगदान है।

    खबरें और भी