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    चतरा में विकास राशि पर डाका: 15वीं वित्त योजना के 9 लाख गायब, जल मीनार-टेबल-कुर्सी के नाम पर गबन

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 03:42 PM (GMT+05:30)

    चतरा के तिलहेत पंचायत में 15वीं वित्तीय योजना के तहत करीब नौ लाख रुपये की फर्जी निकासी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर बीडीओ ने जांच कमे ...और पढ़ें

    जांच के लिए बीडीओ को ज्ञापन सौपते तिलहेत पंचायत के वार्ड सदस्य। फोटो जागरण

    जांच के लिए बीडीओ को ज्ञापन सौपते तिलहेत पंचायत के वार्ड सदस्य। फोटो जागरण

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    अमरेंद्र प्रताप सिंह, हंटरगंज (चतरा)। प्रखंड के तिलहेत पंचायत में 15वीं वित्तीय योजना के तहत करीब नौ लाख रुपये की फर्जी निकासी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह पूरा खेल तब उजागर हुआ, जब ग्रामीणों और वार्ड सदस्यों ने योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत प्रखंड प्रशासन से की।

    शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी निखिल गौरव कमान कच्छप ने पत्रांक 378, दिनांक 7 अप्रैल 2026 के तहत जांच कमेटी का गठन किया। जांच कमेटी ने जब फाइलों और जमीनी हकीकत का मिलान किया, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

    योजना संख्या 01/2023-24 के तहत खराब जल मीनार की मरम्मत के नाम पर 1,48,000 रुपये की निकासी की गई, लेकिन इससे संबंधित मापी पुस्तिका तक उपलब्ध नहीं मिली। इसी तरह योजना संख्या 10/2024-25 में भी जलमीनार मरम्मत के नाम पर 1,48,200 रुपये की निकासी कर ली गई, जबकि मौके पर कोई कार्य नहीं पाया गया।

    चार सचिवों पर शिकंजा, दो दिन में राशि जमा करने का आदेश

    जांच में यह भी सामने आया कि योजना संख्या 01/2025-26 के तहत जल मीनार मरम्मत के नाम पर 2,49,000 रुपये, योजना संख्या 02/2025-26 में टेबल, कुर्सी व कारपेट के नाम पर 1,98,000 रुपये तथा योजना संख्या 03/2025-26 में पंखा, वायरिंग व सौंदर्यीकरण के नाम पर 1,49,000 रुपये की निकासी की गई।

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    इन सभी योजनाओं में कार्य धरातल पर नहीं दिखा, जिससे साफ है कि कागजों पर ही विकास कार्य दिखाकर राशि की बंदरबांट की गई। इस पूरे मामले में चार पंचायत सचिवों की संलिप्तता सामने आई है।

    इनमें सिताराम पांडेय, दीपक टोपनो, भुवनेश्वर ठाकुर और महेश मिस्त्री का नाम शामिल है। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इन सभी से स्पष्टीकरण मांगते हुए सख्त निर्देश दिया है कि दो दिनों के भीतर फर्जी निकासी की गई राशि जमा करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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