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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Assembly Election: चतरा सीट को लेकर BJP और AJSU में तकरार, पिछली बार सिमरिया में दोनों ने आजमाया था भाग्य

    Updated: Wed, 17 Jul 2024 04:45 PM (IST)

    Jharkhand Politics झारखंड में एनडीए गठबंधन के प्रमुख घटक दल भाजपा और आजसू के बीच सीटों शेयरिंग को लेकर अब तक कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है लेकिन भीतर ह ...और पढ़ें

    आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो व भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष बाबूलाल मरांडी। (फाइल फोटो)
    आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो व भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष बाबूलाल मरांडी। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. भाजपा चतरा व सिमरिया में से कोई सीट छोड़ने को नहीं तैयार
    2. आजसू सिमरिया छोड़ चतरा से उम्मीदवार खड़ा करना चाहती है
    3. पिछले विस चुनाव में भाजपा और आजसू के बीच गठबंधन नहीं था

    जुलकर नैन, चतरा। Jharkhand News: चतरा विधानसभा क्षेत्र को लेकर भाजपा और आजसू के बीच तकरार की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दोनों पार्टि‍यां अपना-अपना दावा कर रही हैं। आजसू सिमरिया छोड़कर चतरा से अपना उम्मीदवार खड़ा करना चाहती है, जबकि भाजपा जिले के दोनों सीटों पर समझौता करने को तैयार नहीं है।

    झारखंड में एनडीए गठबंधन के प्रमुख घटक दल भाजपा और आजसू के बीच सीटों शेयरिंग को लेकर अब तक कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है, लेकिन भीतर ही भीतर आजसू चतरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुटी हुई है।

    स‍िमरिया सीट पर हुई थी भाजपा की जीत

    शीर्ष नेतृत्व के इशारों पर स्थानीय नेता और कार्यकर्ता गतिविधियां तेज किए हुए हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा और आजसू के बीच गठबंधन नहीं था। यही कारण है कि सिमरिया क्षेत्र में दोनों अलग-अलग उम्मीदवार उतारे थे। जीत भाजपा प्रत्याशी किशुन कुमार दास की हुई थी। आजसू के मनोज चंद्रा दूसरे स्थान पर थे।

    वहीं, चतरा में भाजपा हारी थी और राजद जीती थी। आजसू का तर्क है सिमरिया सीट से उसका उम्मीदवार खड़ा नहीं होगा। चूंकि उस सीट पर भाजपा का कब्जा है। जबकि चतरा से राजद जीती है। ऐसे में चतरा सीट आजसू के लिए छोड़ दी जाए।

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    बाबूलाल और सुदेश के बीच 'चतरा' पर हुई थी चर्चा

    आजसू सूत्रों ने बताया कि पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो अनौपचारिक तौर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से इसकी चर्चा कर चुके हैं, लेकिन बाबूलाल मरांडी इसके लिए तैयार नहीं है। वैसे अंतिम निर्णय सीट शेयरिंग को लेकर जब बैठक होगी, तब ही लिया जाएगा।

    स्थानीय सांसद कालीचरण सिंह कहते हैं कि आजसू का दावा निराधार है। चतरा जिला ही नहीं, बल्कि पूरे संसदीय क्षेत्र में भाजपा का मजबूत जनाधार है। विधानसभा चुनाव में संसदीय क्षेत्र के सभी पांचों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत निश्चित है।

    आजसू के केंद्रीय सचिव पारसनाथ सिंह कहते हैं कि संगठन ने सभी 81 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की है। गठबंधन के घटक दल होने के नाते चतरा जिले में एक सीट आजसू को मिलना चाहिए। हम सिमरिया को छोड़कर चतरा पर दावा कर रहे हैं। बहरहाल जब तक सीट शेयरिंग नहीं होती है, तब कुछ भी कहना उचित नहीं है।

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