Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    झारखंड में गया-चतरा रेल परियोजना में तेजी, 75 किमी लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 07:30 AM (IST)

    चतरा में पररिया-चतरा नई ब्राडगेज रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज करने हेतु जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को सक्षम प्राधिकार (काला) नामित किया गय ...और पढ़ें

    पररिया-चतरा नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी।

    पररिया-चतरा नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी।

    HighLights

    1. पररिया-चतरा नई ब्राडगेज रेल लाइन परियोजना को मिली गति।

    2. जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को सक्षम प्राधिकार (काला) नामित।

    3. भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज होगी, क्षेत्र का विकास सुनिश्चित।

    जुलकर नैन, चतरा। पररिया से चतरा के बीच प्रस्तावित नई ब्राॅडगेज (बीजी) रेल लाइन परियोजना को गति देने की दिशा में जिला प्रशासन ने अहम पहल शुरू कर दी है। परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ करने को लेकर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत सक्षम प्राधिकार के लिए काला (कंपीटेंट अथाॅरिटी फार एक्विजिशन) नामित किया गया है।

    उप मुख्य अभियंता (निर्माण), हजारीबाग, पूर्व मध्य रेलवे की ओर से 30 मई 2026 को पत्र भेजकर पररिया और चतरा के बीच नई बीजी रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधियाचना का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। इस प्रस्ताव के आलोक में भूमि अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

    रेलवे अधिग्रहण अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के अनुसार भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकार (काला) की नियुक्ति आवश्यक है। उपायुक्त रवि आनंद ने उप मुख्य अभियंता के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिए हैं। अनुमोदन मिलने के बाद जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को औपचारिक रूप से काला नामित कर दिया गया है।

    इसके बाद प्रभावित भूमि का सर्वेक्षण, अधिसूचना, आपत्तियों के निष्पादन और मुआवजा निर्धारण जैसी प्रक्रिया शुरू की जा सकेंगी। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि सक्षम प्राधिकार की नियुक्ति के बाद परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

    नई रेल लाइन बनने से चतरा क्षेत्र की रेल संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी, आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के व्यापार, उद्योग तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन अब इस महत्वपूर्ण परियोजना की आगे की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने की तैयारी में जुट गया है।

    खबरें और भी

    क्या होता है काला

    भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी (कंपीटेंट अथाॅरिटी फार एक्विजिशन) को काला कहा जाता है। सार्वजनिक एवं सरकारी परियोजना के लिए निजी जमीन का कानूनी रूप से अधिग्रहण करने का अधिकारी प्राप्त होता है।

    भूमि अधिग्रहण कानूनी प्रक्रिया के तहत होता है। सड़े, रेल, हवाई अड्डा या अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण के िए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का संचालन करता है। भू-स्वामियों को नोटिस जारी करता है, आपत्तियों की सुनवाई, मुआवजे राशि का निर्धारण आदि कार्य उनके जिम्मे होता है।

    75.100 किलोमीटर लाइन की परियोजना

    गया के पररिया से चतरा तक की दूरी 75.100 किलोमीटर की है। रेल मंत्रालय की ओर से नौ अप्रैल 2026 को गजट का प्रकाशन किया गया है। इस लाइन को विशेष रेल परियोजना घोषित किए जाने के बाद प्रक्रिया में तेजी आई है।

    प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिस गति से कार्य हो रहे हैं, उससे ऐसा आभास होता है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बहुत जल्द प्रारंभ हो जाएगा।

    पररिया-चतरा नई रेल लाइन के लिए कंपीटेंट अथारिटी फार एक्विजिशन (काला) नामित करने का प्रस्ताव रेलवे की ओर से आया था। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को इसके लिए नामित किया गया है। रेलवे के इस प्रस्ताव को अनुमोदन के उपरांत वापस कर दिया गया है।
    -रवि आनंद, डीसी, चतरा।