जहरीली सूडान घास खाने से 5 भैंसों की मौत, चतरा में परिवार ने की मुआवजे की मांग
प्रतापपुर के बिचकिला गांव में जहरीली सूडान घास खाने से पांच भैंसों की मौत हो गई, जिससे पशुपालक पुनिया देवी के परिवार पर आजीविका का गंभीर संकट आ गया है ...और पढ़ें
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पांच भैंसों की मौत। (जागरण)
HighLights
प्रतापपुर में जहरीली सूडान घास से पांच भैंसों की मौत।
पशुपालक पुनिया देवी के परिवार पर आजीविका का संकट।
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की।
संवाद सहयोगी, प्रतापपुर (चतरा)। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के बिचकिला गांव में रविवार की संध्या जहरीली सूडान घास खाने से पांच भैंसों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भैंस की हालत गंभीर बनी हुई है।
इस घटना से पशुपालक महिला पुनिया देवी के परिवार पर आजीविका का गहरा संकट मंडराने लगा है। मृत पशुओं में दो दुधारू भैंस, एक काड़ा तथा दो काड़ी शामिल हैं।
पीड़िता ने इस हादसे में करीब ढाई लाख रुपये की क्षति होने की बात कही है। पुनिया देवी ने बताया कि उनके पति कैलास यादव बिहार के गया में एक होटल में मजदूरी करते हैं।
परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उनके कंधों पर है। पशुपालन और दूध बिक्री ही आय का प्रमुख साधन था।
चरने निकली थी भैंसे
रविवार को प्रतिदिन की तरह भैंसें चरने निकली थीं। शाम करीब पांच बजे भुईयां टोली के समीप एक खेत में लगी सूडान घास खाने के बाद पशुओं की हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में पांचों भैंसों की मौत हो गई।
पशुपालन विशेषज्ञों के अनुसार सूडान घास सामान्यतः पौष्टिक चारा है, लेकिन प्रतिकूल परिस्थितियों में इसमें हाइड्रोसायनिक (प्रूसिक) एसिड और नाइट्रेट जैसे विषैले तत्व विकसित हो सकते हैं, जो पशुओं के लिए घातक साबित होते हैं।
मुआवजे की मांग
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण दिनेश यादव, प्रमोद यादव, रामाशंकर प्रसाद, नारायण यादव, सुदामा यादव सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा और राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पशुधन ही परिवार की आजीविका का आधार था, जिसकी क्षति ने उन्हें आर्थिक रूप से झकझोर दिया है।
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