राउरकेला प्लेन हादसा: खेत में धमाका सुन उमड़ पड़े ग्रामीण, गेट तोड़कर बचाई 6 जिंदगियां
राउरकेला के गड़िया टोला में इंडिया वन एयर का सेसना ग्रैंड कारवां विमान पेड़ से टकराकर 100 मीटर तक घिसट गया। जोरदार आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत खेत की ओर ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अनिसुर रहमान, राउरकेला। ओडिशा के राउरकेला में गड़िया टोला के खेत में दोपहर 1.30 बजे के आसपास जोरदार आवाज गूंजी। इंडिया वन एयर का सेसना ग्रैंड कारवां विमान पेड़ से टकराया और जमीन पर 100 मीटर घिसट गया। धमाका तो नहीं हुआ, लेकिन खबर आग की तरह फैल गई।
पहले पहुंचे ग्रामीणों ने गेट तोड़ा और 6 घायलों को बाहर निकाल लिया। हजारों लोग जमा हो गए, लेकिन ग्रामीणों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला। गड़िया टोला की मंजूषा सिंह (35) ने बताया कि प्लेन के पेड़ से टकराने से जोरदार आवाज सुन खेत की ओर भागीं। देखा विमान का दाहिना पंख टूट चुका था। विमान का गेट जाम था, ग्रामीणों ने किसी तरह गेट खोला।
चालक को बहार निकाला तो देखा कि उसके सिर से खून बह रहा था। ग्रामीणों ने चालक दल समेत 6 लोगों को घसीट बाहर निकाला। प्लेन से दूर खेत में सुलाया और पानी पिलाया। प्लेन से ईंधन रिस रहा था। जिसके कारण आग का डर था। तभी एंबुलेंस आ गई।
ईंधन रिसा, लेकिन आग नहीं लगी
स्थानीय बाबू सिंह (42) ने कहा जमीन पर घिसटते विमान की आवाज से दहशत फैली। सबसे पहले पांच-छह ग्रामीण पहुंचे। उन्होंने बचाव शुरु किया तब तक अन्य भी पहुंचे। यात्रियों को प्लेन से निकाला। जिसके बाद दो-तीन लोग हाथ व पैर पकड़कर उन्हें प्लेन से दूर ले गए तथा लिटा दिया चालक के सिर पर गहरी चोट, खून जमीन पर गिर रहा था।
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एंबुलेंस 10 मिनट में पहुंची। वहीं दमकल भी घटनास्थल पहुंच गई थी। जिसके कर्मियों ने प्लेन से रिस रहें ने ईंधन को रोका। हजारों लोग घटनास्थल पर आ गए, लेकिन ग्रामिणों ने बचाव चेन बनाकर घायलों को सुरक्षित पहुंचाया।
नजदीक से देखा हादसा
हंथीबंधा के पूर्व सरपंच चमार सिंह मुंडारी (58) बोले कि मुझे फोन पर ग्रामीणों से सूचना मिली तो घटनास्थल पहुंचकर टक्कर की गूंज से गांव दहल गया। लोग दौड़ते आए, भीड़ हजारों में हो गई।
ग्रामीणों ने बिना सोचे गेट तोड़ा व बचाव कार्य किया। पहली बार नजदीक प्लेन देखा। टीवी में पहले प्लेन हादशों की खबरें देखते थे। आज अपने ही ईलाके में इसे हकीकत बनते देखा।

पुलिस भी पहुंची तथा घेराबंदी कर लोगों को दुर्घटनास्थल से दूर रखा। प्लेन से रिस रहे ईंधन में आग लग सकती थी। वे ग्रामीण आज के हीरो हैं, जिन्होंने घटना के तुरंत बाद घटनास्थ्ल पहुंचकर वीडियो बनाने की जगह बचाव कार्य को प्राथमिकता दी।