Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    AIIMS देवघर में 897 किलोवाट रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट का करार, पीएम सूर्यघर योजना से मिलेगा लाभ

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 08:52 PM (IST)

    एम्स देवघर ने 897 किलोवाट रूफटॉप सोलर परियोजना के लिए एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएन) के साथ समझौता किया है। ...और पढ़ें

    एम्स देवघर में 897 किलोवाट रूफटॉप सोलर परियोजना का करार

    एम्स देवघर में 897 किलोवाट रूफटॉप सोलर परियोजना का करार

    HighLights

    1. एम्स देवघर ने एनवीवीएन के साथ सोलर परियोजना का समझौता किया।

    2. 897 किलोवाट रूफटॉप सोलर से मिलेगी स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा।

    3. पीएम सूर्यघर योजना के तहत संस्थान का बिजली खर्च घटेगा।

    संवाद सहयोगी, देवीपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) देवघर ने स्वच्छ, किफायती व सतत ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएन) के साथ 897 किलोवाट क्षमता की रूफटॉप सोलर विद्युत परियोजना स्थापित करने के लिए समझौता किया है।

    यह परियोजना भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के उद्देश्यों के अनुरूप संस्थान में हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

    समझौते पर एम्स देवघर की ओर से उप निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल अभिक दास तथा एनवीवीएन की ओर से एचओडी देवेंद्र ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत सोलर परियोजना की स्थापना पर होने वाला पूरा पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) एनवीवीएन की ओर से अधिकृत एजेंसी द्वारा वहन किया जाएगा।

    परियोजना पूरी होने के बाद इससे उत्पादित बिजली एम्स देवघर को मात्र 4.75 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे संस्थान के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।

    वहीं, समझौते के अनुसार, 25 वर्षों की अवधि पूरी होने के बाद संपूर्ण सोलर अवसंरचना बिना किसी अतिरिक्त लागत के एम्स देवघर को हस्तांतरित कर दी जाएगी। परियोजना के लिए संस्थान के विभिन्न भवनों की छतों का उपयोग किया जाएगा जिससे अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं होगी और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

    मौके पर एनवीवीएन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रेणु नारंग, एम्स देवघर के अधीक्षण अभियंता देवानंद झा सहित दोनों संस्थानों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रो. (डॉ.) नितिन एम गंगाने ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत इस परियोजना का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि संस्थान को जल्द से जल्द स्वच्छ, सस्ती व सतत ऊर्जा का लाभ मिल सके।

    खबरें और भी

    उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है और ऐसे में सौर ऊर्जा जैसी अक्षय ऊर्जा का उपयोग न केवल आर्थिक दृष्टि से लाभदायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि यह परियोजना एम्स देवघर की ग्रीन कैंपस की अवधारणा को और मजबूत करेगी। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी तथा संस्थान ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा। साथ ही भविष्य में बिजली की बढ़ती लागत के प्रभाव को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

    संस्थान प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से एम्स देवघर को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलेगा और ऊर्जा की उपलब्धता अधिक विश्वसनीय बनेगी। यह पहल राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा मिशन, पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

    एम्स देवघर ने हाल के वर्षों में चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ पर्यावरण-अनुकूल एवं ऊर्जा दक्ष अवसंरचना विकसित करने की दिशा में कई कदम उठाए है। यह नई रूफटाप सोलर परियोजना उसी शृंखला की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।