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    शिवभक्तों को सौगात: देवघर-बासुकीनाथ के बीच बन रहा 36 KM कांवड़िया पथ, अंडरपास-फ्लाईओवर की भी सुविधा

    Updated: Fri, 03 Jul 2026 06:30 AM (IST)

    श्रावणी मेला से पहले देवघर और बासुकीनाथ के बीच 36 किमी लंबा समर्पित कांवड़िया पथ तैयार किया जा रहा है। एनएचएआई द्वारा निर्मित यह पथ श्रद्धालुओं की सुर ...और पढ़ें

    अजगैबीनाथ से पैदल कांवर यात्रा करते हुए देवघर की ओर आते कांवड़िये। फाइल फोटो

    अजगैबीनाथ से पैदल कांवर यात्रा करते हुए देवघर की ओर आते कांवड़िये। फाइल फोटो

    HighLights

    1. देवघर-बासुकीनाथ 36 किमी समर्पित कांवरिया पथ निर्माण।

    2. एनएचएआई द्वारा रंगीन पेबर्स और बाईपास का कार्य।

    3. श्रावणी मेला हेतु भक्तों की सुरक्षा, सुगम यात्रा।

    आरसी सिन्हा, देवघर। विश्व ख्याति श्रावणी मेला 31 जुलाई से शुरू हो रहा है। बिहार और झारखंड सरकार भक्तों को बेहतर सुविधा देने के लिए दिन-रात तैयारी में जुट गयी है। सावन में सबसे अधिक शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण करने आते हैं।

    एक महीना तक चलने वाला मेला का तीन केंद्र है, जहां एक लाख भक्त एक साथ इस शहर में एकत्रित हो जाते हैं। बिहार का अजगैबीनाथ जहां श्रद्धालु कांवर में मां गंगा का पावन जल भरते हैं।

    यहां से कांवर यात्रा शुरू करते हैं। उनका लक्ष्य देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण करना होता है। शिवभक्तों के तीर्थ का अंतिम पड़ाव बाबा बासुकीनाथ धाम में जलार्पण कर पूरा होता है।

    श्रावणी मेला के इतिहास में यह पहला साल होगा जब मां गंगा का जल भरकर बैद्यनाथधाम और बासुकीनाथ धाम तक डेडिकेटेड कांवरिया पथ पर बोल बम बोल बम करते अनवरत चलेंगे।

    अजगैबीनाथ से देवघर तक तक तो पहले से भी कांवरिया पथ था। इस साल एनएचएआई ने देवघर-बासुकीनाथ के बीच 34 किमी कांवरिया पथ का काम भी पूरा कर रहा है। अब तक 25 किमी का पथ तैयार हो गया है। जिसमें फोरलेन के किनारे किनारे रंगीन पेबर्स बिछाया जा रहा है। जगह जगह स्थायी पड़ाव भी बनाया जा रहा है।

    देवघर-बासुकीनाथ 36 किमी लंबा समर्पित कांवरिया पथ

    श्रावण मास के दौरान सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल आने वाले लाखों कांवड़िया बाबा बैद्यनाथ धाम एवं बासुकीनाथ मंदिर तक पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परियोजना के अंतर्गत 36.044 किलोमीटर लंबा एवं 3.5 मीटर चौड़ा समर्पित कांवड़िया पथ विकसित किया जा रहा है।

    इससे कांवड़ यात्रियों और सामान्य वाहनों के लिए अलग-अलग आवागमन व्यवस्था सुनिश्चित होगी। जिससे यातायात संचालन अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनेगा।
    एनएचएआई की परियोजना के अंतर्गत बासुकीनाथ, सहारा, तालझारी, घोरमारा एवं देवघर बाईपास सहित कुल 28.677 किलोमीटर बाईपास का निर्माण किया जा रहा है।

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    साथ ही सर्विस रोड, स्लिप रोड, फ्लाईओवर, रेल ओवर ब्रिज, अंडरपास एवं अन्य सड़क सुरक्षा संरचनाएं विकसित की जा रही है। जो यात्रियों को आधुनिक एवं सुरक्षित सड़क उपलब्ध होगी।

    • अजगैबीनाथ से झारखंड का प्रवेश द्वार दुम्मा तक- 84 किमी
    • दुम्मा से खिजुरिया- 7 किमी
    • खिजुरिया से शिवगंगा- 2.50किमी
    • देवघर से बासुकीनाथ- 36 किमी

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