बाबा बैद्यनाथ से मां कामाख्या का सफर हुआ आसान, देवघर-गुवाहाटी के बीच सीधी विमान सेवा शुरू
देवघर एयरपोर्ट से गुवाहाटी के लिए नई सीधी उड़ान सेवा शुरू हो गई है, जो सप्ताह में दो दिन संचालित होगी। यह सेवा देवघर को पूर्वोत्तर से जोड़ेगी और यात्र ...और पढ़ें

देवघर-गुवाहाटी सीधी उड़ान सेवा शुरू, पूर्वोत्तर से जुड़ा बाबाधाम
HighLights
देवघर-गुवाहाटी के बीच नई सीधी उड़ान सेवा शुरू हुई।
यह फ्लाइट सप्ताह में दो दिन, मंगलवार और शुक्रवार को चलेगी।
यह सेवा देवघर को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ेगी, यात्रा आसान।
जागरण संवाददाता, देवघर। श्रावणी मेला और दिन मंगलवार। शक्तिपीठ देवघर में स्थापित द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर गुवाहाटी में मां कामाख्या के दर्शन की अभिलाषा रखने वाले यात्रियों के लिए यह शुभ दिन रहा। देवघर एयरपोर्ट से नई फ्लाइट देवघर-गुवाहाटी के बीच शुरू हो गई है।
इसका परिचालन सप्ताह में दो दिन, मंगलवार और शुक्रवार को होगा। गुवाहाटी से चली पहली फ्लाइट 50 पैसेंजर को लेकर जब 11:20 बजे बाबा बैद्यनाथ की नगरी में लैंड हुई, तो एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से रनवे पर वाटर कैनन से उसका स्वागत किया गया। साथ ही, देवघर से गुवाहाटी जा रहे यात्रियों से केक कटवाया गया।
गुवाहाटी की यात्रा के पहले यात्री ने काटा केक और जलाया दीप:
देवघर से गुवाहाटी जा रही पहली फ्लाइट में 43 पैसेंजर थे। पहले यात्री धर्मचंद्र जैन अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चे के साथ गुवाहाटी जा रहे थे। पूरे परिवार और वहां मौजूद गुवाहाटी जाने वाले अन्य यात्रियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया, केक काटा और खुशियां बांटीं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिगो के प्रतिनिधियों ने सबका स्वागत किया। वहां एक कांवड़िया भी मौजूद थे, जिन्होंने बताया कि वह भी गुवाहाटी जा रहे हैं; तब उनका भी डमी टिकट देकर स्वागत किया गया। एक-एक यात्री प्रतिनिधियों के साथ तस्वीरें खिंचवा रहे थे।
खबरें और भी
देवघर-गुवाहाटी आने-जाने वालों का गुलाब से स्वागत:
मंगलवार को पहले दिन देवघर एयरपोर्ट पर सुबह दस बजने से कुछ समय पहले से ही विशेष हलचल थी। धीरे-धीरे हलचल बढ़ गई। इसी समय पर दिल्ली से देवघर की भी फ्लाइट रहती है। गुवाहाटी के यात्रियों को पहले ही बोर्डिंग करा दी गई।
पहले दिन आने और जाने वाले कुल 93 यात्रियों का एयरपोर्ट पर गुलाब का फूल देकर स्वागत किया गया। साथ ही नाश्ते का पैकेट भी दिया गया। फ्लाइट 6E 7709 गुवाहाटी से सुबह 09:25 पर चलकर लगभग 11:20 पर देवघर पहुंची। वहीं, देवघर से 6E 7710 ने सुबह 11:50 पर प्रस्थान किया।
इंडिगो प्रबंधन सूत्रों के मुताबिक, तकरीबन एक हजार किमी का यह सफर करीब दो घंटे का है। सप्ताह में दो दिन, मंगलवार और शुक्रवार को चलने वाली देवघर-गुवाहाटी 78 सीटर फ्लाइट को फिलहाल अक्टूबर तक चलाने का शेड्यूल मिला है, जिसका एक्सटेंशन आगे होगा।
बता दें कि इस सेवा के शुरू होने से सत्संग आश्रम के हजारों अनुयायियों की सुविधा बढ़ेगी। वहीं, आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यहां आकर मां कामाख्या के दर्शन करने की योजना बनाने वाले देश-विदेश के लोगों को भी काफी राहत मिलेगी।
एयर कनेक्टिविटी में पूर्वोत्तर से जुड़ गया देवघर:
पहले केवल दिल्ली की ही फ्लाइट थी। अब तो मायानगरी मुंबई हो या रोजगार की राजधानी बेंगलुरु, वहां के लिए भी फ्लाइट है। 4 अगस्त से शुरू हुई गुवाहाटी की विमान सेवा ने देवघर को पूर्वोत्तर से भी जोड़ दिया है। पहले साल में लगभग दो लाख यात्रियों ने यहां से सफर किया था। साल दर साल इस आंकड़े में वृद्धि हो रही है, क्योंकि विमानों की संख्या बढ़ रही है।
दक्षिण भारत की भी कनेक्टिविटी:
न सिर्फ देवघर बल्कि आसपास के कई जिलों के बच्चे बेंगलुरु में पढ़ाई या नौकरी करते हैं। दक्षिण भारत में इलाज कराने जाने वालों के लिए भी अब कम समय में वहां पहुंचना आसान हो गया है। वर्ष 2024 में यहां नाइट लैंडिंग की सुविधा मिली।
मालदीव, बाली, थाईलैंड के फुकेट और पोर्ट ब्लेयर के लिए यहां से कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा ने इस एयरपोर्ट का महत्व विदेश जाने की चाहत रखने वालों के लिए बढ़ा दिया है।
संताल परगना के छह जिलों के अलावा धनबाद, गिरिडीह और बिहार के भागलपुर, बांका तथा जमुई के लोग भी देवघर एयरपोर्ट से अपनी यात्रा कर रहे हैं। पारसनाथ जाने की इच्छा रखने वाले जैन तीर्थयात्रियों के लिए भी यह एयरपोर्ट काफी उपयोगी है, क्योंकि यहां से पारसनाथ की दूरी काफी कम है।