यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Deoghar: देवघर एम्स में मूलभूत सुविधा देने के मामले में HC में हुई सुनावई, मुख्य सचिव और निदेशक को किया तलब
झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ में देवघर एम्स में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दाखिल जनहित याचिका प ...और पढ़ें

HighLights
- देवघर एम्स में मूलभूत सुविधा देने मामले में मुख्य सचिव और निदेशक तलब
- एक सितंबर को आनलाइन कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश
- सांसद निशिकांत दुबे ने दाखिल की है जनहित याचिका
राज्य ब्यूरो,रांची: झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ में देवघर एम्स में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
इस दौरान अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव और देवघर एम्स निदेशक को हाजिर होने का निर्देश दिया है। अदालत ने दोनों को एक सितंबर को वर्चुअल मोड में कोर्ट में हाजिर होने का कहा है।
सरकार की ओर से अग्निशमन विभाग ने बताया कि देवघर एम्स में राज्य सरकार ने मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस खरीदे जा रहे वाहन
अग्निशमन वाहनों और यंत्रों के लिए राशि आवंटित कर दी गई है, ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सकता। आधुनिक सुविधाएं से लैस वाहन खरीदे जा रहे हैं।
पथ निर्माण विभाग की ओर से बताया गया कि एम्स के मुख्य गेट का अभी तक निर्धारण नहीं होने से मुख्य सड़क का निर्माण नहीं किया जा सका है। प्रार्थी की ओर से इसका विरोध किया गया।
उनकी ओर से कहा गया कि देवघर एम्स में मूलभूत सुविधा प्रदान करने के लिए कई विभागों की भूमिका है। पानी, बिजली, सड़क सहित अन्य संबंधित विभाग अलग-अलग जानकारी दे रहे हैं।
सरकार को समग्र रिपोर्ट अदालत में पेश करनी चाहिए। इसके अलावा ऐसे अधिकारी को समन्वय की जिम्मेदारी प्रदान की जाए, जिनका सभी विभागों पर कंट्रोल हो।
इसके बाद अदालत ने मुख्य सचिव और एम्स के निदेशक को अदालत में हाजिर होकर विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया।
भाजपा सांसद ने की जनहित याचिका दाखिल
एम्स निदेशक को बताना है कि अस्पताल के लिए क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और किसकी जरूरत है। बता दें कि इस संबंध में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जनहित याचिका दाखिल की है।
याचिका में कहा गया है कि देवघर एम्स में राज्य सरकार को मौलिक सुविधाएं उपलब्ध करानी थी, लेकिन अभी तक सुविधाएं नहीं मिली हैं, जिस कारण अस्पताल पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है।