यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डिप्रेशन में चल रहे 16 साल के पीयूष ने पंखे से लटककर दी जान, पढ़ाई को लेकर तनाव में चल रहा था छात्र
डिप्रेशन के शिकार एक बच्चे ने फांसी लगाकर अपनी जान ले ली। सदर अस्पताल में कार्यरत एक नर्स के बेटे ने सोमवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतक 16 ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देवघर: आये दिन कोटा और मुखर्जी नगर जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं के हब बन चुके शहरों से बच्चों की आत्महत्या करने की खबरें सामने आती रहती हैं। ऐसा नहीं है कि ये आत्महत्याएं केवल पढ़ाई के प्रेशर के कारण ही हो रही हैं।
पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन, परिवार के साथ संबंध समेत कई ऐसी चीजें है जिसके कारण छात्र आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। इसके अलावा, डिप्रेशन को लोग तवज्जो न देकर हंसी-मजाक में टाल देते हैं। अगर आपका भी बच्चा डिप्रेशन में है तो ऐसा करने से बचें और उससे उसकी परेशानी के बारे में बात करें, उसे अपना समय दें।
फांसी लगाकर ले ली जान
ऐसे ही डिप्रेशन के शिकार एक बच्चे ने फांसी लगाकर अपनी जान ले ली। सदर अस्पताल में कार्यरत एक नर्स के बेटे ने सोमवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतक 16 वर्षीय पीयूष कुमार ने इसी साल दसवीं की परीक्षा दी थी। उसकी मां बबीता कुमारी ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि वह मूल रूप से बिहार के वैशाली की रहने वाली है।
वे देवघर सदर अस्पताल में ए ग्रेड नर्स के पद पर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि उसका छोटा बेटा पढ़ाई को लेकर काफी तनाव में रहता था। रात को उसने अपने बेटा को समझाया था। उसके के बाद वह सोने चला गया। सुबह देर तक उसका दरवाजा नहीं खुला तो उसे आवाज दिया लेकिन कोई जबाव नहीं मिला।
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पंखे से लटका मिला शव
उसके बाद आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा को तोड़ दिया। अंदर उसका बेटा पंखा से दुपट्टा के सहारे लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की छानबीन की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।