देवघर सावन मेला में 120 मेगावाट बिजली खपत का अनुमान, विभाग ने की पुख्ता तैयारी
देवघर सावन मेला में इस बार 120 मेगावाट बिजली खपत का अनुमान है, जो पिछले वर्षों से अधिक है। श्रद्धालुओं और अस्थायी दुकानों की बढ़ती संख्या इसका मुख्य क ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, देवघर। इस बार सावन मेला के दौरान बिजली की खपत बढ़ेगी। ऐसा अनुमान विभाग की ओर से लगाया जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार इस बार बिजली की खपत 120 मेगावाट होगी।
हालांकि यह अनुमानित है। वहीं पिछले दो सालों की तुलाना करें तो हर साल बिजली की खपत में बढ़ाेतरी होती है। वर्ष 2025 में सावन मेला के दौरान बिजली की खपत 95 मेगावाट रही थी जबकि वर्ष 2024 में 80 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी।
बढ़ते खपत से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि सावन में ना केवल अस्थायी दुकानों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है बल्कि श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस वजह से विभिन्न माध्यमों से बिजली की खपत साल दर साल बढ़ती जा रही है।
मेला क्षेत्र में बिजली आपूर्ति डाबरग्राम एवं कुमैठा (जसीडीह) ग्रिड से होती है। लेकिन बढ़ते अनुमानित बिजली की खपत को पूरा करने के लिए विभाग की ओर से तमाम संभावनाओं की ना केवल तलाश कर रही है बल्कि बिजली की आपूर्ति को लेकर संबंधित माध्यमों से संपर्क स्थापित करना शुरू कर दिया है।
इसके अलावा श्रावणी मेला के दौरान निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति को लेकर विभागीय स्तर पर तमाम बिंदुओं को समेटते हुए कार्य योजना तैयार कर लिया है। कार्य योजना के पीछे विभाग की मंशा व्यापक योजना और सतर्कता के साथ श्रद्धालुओं को निर्बाध, सुरक्षित और सुचारू विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।
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विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना में शामिल बिंदु
मरम्मत व सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर
मेला से पूर्व 33 केवी, 11 केवी लाइन, डीएसएस, पीएसएस, एलटी व सर्विस लाइन की व्यापक मरम्मत कराया जाएगा। साथ ही विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित कर बढ़ती खपत को संतुलित किया जाएगा।
आपातकालीन व्यवस्था होगी मजबूत
33 व 11 केवी अंडरग्राउंड केबल के डबल सर्किट में एक स्पेयर सर्किट को तैयार रखा जाएगा। ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बिजली बहाल की जा सके। इसके साथ-साथ कांवरिया पथ पर स्थित बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर के चारों ओर बैरिकेडिंग की जाएगी। साथ ही लीकेज करंट से बचाव के लिए पोल पर प्लास्टिक इंसुलेशन लगाया जाएगा। इसकी नियमित जांच की जाएगी। ताकि किसी भी अनहोनी घटना को होने से पूर्व रोका जा सके।
24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम, 51 स्थानों पर बनेगा नियंत्रण शिविर
अंचल व प्रमंडल स्तर पर 24 गुणा सात कार्यरत इलेक्ट्रिक कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। इसके लिए कंट्रोल रूम का फोन नंबर (74799-40525, 74639-72204) भी जारी कर दिया गया है। जिन पर व्हाट्सएप सुविधा भी उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा मेला क्षेत्र में लगभग 51 स्थानों पर विद्युत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। यहां पर्याप्त संख्या में अधिकारियों व कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके।
सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता
केन्द्रीय भंडार सहित टीआरडब्ल्यू देवघर में ट्रांसफार्मर सहित अन्य उपकरणों का पर्याप्त स्टाक रखा जाएगा। ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही फीडर लाइन से सटे पेड़ों की टहनियों की छंटाई का काम जल्द ही शुरू कराया जाएगा। मंदिर और मेला क्षेत्र में नंगे एलटी तारों को आरडीएसएस योजना के तहत केबल से बदला जाएगा।
ट्राली-बेस्ड ट्रांसफार्मर की व्यवस्था
कहीं भी ट्रांसफार्मर खराब होने पर तुरंत आपूर्ति बहाल करने के लिए ट्राली-बेस्ड ट्रासफार्मर तैयार रहेगा। मेला के दौरान अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। उपभोक्ता ऑन-स्पॉट शुल्क जमा कर तुरंत कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे, हालांकि विभागीय अनुमति अनिवार्य होगी। सभी उपभोक्ताओं से अपील की जाएगी कि वे केवल विभाग से अनुमति लेकर ही कनेक्शन लें, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन हो सके और राजस्व की भी प्राप्ति हो।
इस साल श्रावणी मेला के दौरान बिजली की खपत बढ़ने का अनुमान है। इसको लेकर विभाग की ओर से व्यापक तैयारी की जा रही है। विभाग निर्बाध, सुरक्षित बिजली की आपूर्ति को लेकर विस्तार से कार्ययोजना तैयार कर उसे भौतिक स्तर पर उतारने में जुट गई है।
नीरज आनंद , विद्युत कार्यपालक अभियंता