अब छूटेगी क्लास तो भी मिल सकेगा लेक्चर का लाभ, DSPMU शुरू करेगा आधिकारिक यूट्यूब चैनल
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय अब छात्रों को ऑनलाइन क्लास और यूट्यूब चैनल के माध्यम से लेक्चर की सुविधा देगा। डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने क ...और पढ़ें

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय शुरू करेगा आधिकारिक यूट्यूब चैनल। (AI Generated Image)

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में अब विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास की भी सुविधा मिलने वाली है। इसके साथ ही विद्यार्थियों की सुविधा के लिए यट्यूब चैनल की शुरुआत होने वाली है। जिसका फायदा सीधे विद्यार्थियों को मिलेगा।
इसके अलावा सभी विभागों को नया कोर्स शुरू करने का निर्देश दिया गया है। वहीं पीएचडी कोर्स वर्क का सिलेबस भी सभी विभागों से मांगा गया है जिससे कोर्स वर्क की पढ़ाई सुचारू रूप से हो सके। ये सारी प्रक्रिया विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर किया गया है।
विवि का बनेगा यूट्यूब चैनल
विवि के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और कोर्स समन्वयक के साथ बैठक कर कुलपति ने निर्देश दिया है कि विवि का एक आधिकारिक यूट्यूब चैनल की शुरुआत की जायेगी। जिसमें क्लास के लेक्चर को रिकार्ड करके अपलोड किया जायेगा।
शिक्षकों द्वारा अपने क्लास को रिकार्ड किया जायेगा और उसे विवि के चैनल में अपलोड किया जायेगा। क्लास के अलावा विवि की गतिविधियों को भी चैनल में अपलोड किया जायेगा। इसके अलावा शिक्षकों द्वारा अपने विषय से संबंधित ब्लाग भी लिखा जायेगा। जिससे डिजीटल लर्निंग को बढ़ावा मिल सके।
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वहीं विद्यार्थियों को समय-समय पर ब्लाग नोट्स के रूप में काम आयेंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन क्लास का आयोजन समय-समय पर किया जायेगा। जिसका फायदा विद्यार्थियों को मिलेगा।
विभागों को नया कोर्स शुरू करने का निर्देश
विवि के सभी विभागों को नया कोर्स शुरू करने से संबंधित प्रपोजल भी मांगा गया है। इसमें एडआन व वैल्यू ऐडड कोर्स शामिल किये जायेंगे। सभी कोर्स का विस्तृत ब्यौरा सीटों के साथ देना होगा। कोर्स के प्रपोजल को इसी महीने के अंतिम सप्ताह में होने वाले एकेडमिक काउंसिल की बैठक में प्रस्तुत किया जायेगाा।
वहीं विभागों से पीएचडी कोर्स वर्क का सिलेबस भी मांगा गया है। जिसको तीन पेपर में बांटा जाना है। पहले में रिसर्च मेथेडोलाजी, दूसरा सब्जेक्ट स्पेसफिक और तीसरा सब्जेक्ट स्पेशफिक कोर्स 2 शामिल है। इसकी जिम्मेवारी भी विभागों को दिया गया है।
पीएचडी नामांकन की होगी व्यवस्था
यूजीसी रेगुलेशन के अनुसार पीएचडी में नामांकन की व्यवस्था की जायेगी। यूजीसी नेट परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद वर्ष में तीन बार पीएचडी में नामांकन लिया जायेगा। इस प्रपोजल को पहले एकेडमिक काउंसिल में पास कराया जायेगा, इसके बाद इसे लोकभवन भेजा जायेगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू किया जायेगा।