श्रावणी मेला देवघर: AI कैमरे और रियल टाइम रिपोर्टिंग से होगी कांवड़ियों की निगरानी और भीड़ प्रबंधन
देवघर श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होगा। सुगम और सुरक्षित जलार्पण हेतु एकीकृत योजना बनाई गई है। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए AI आधा ...और पढ़ें

श्रावणी मेला में भीड़ नियंत्रण के लिए एआई कैमरे और रियल टाइम रिपोर्टिंग का सहारा।
HighLights
देवघर श्रावणी मेला में सुगम जलार्पण हेतु एकीकृत योजना।
AI आधारित 225 कैमरे करेंगे भीड़ नियंत्रण और निगरानी।
चेहरे की पहचान से बिछड़े श्रद्धालुओं को मिलेगी मदद।
आरसी सिन्हा, देवघर। श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस विश्व प्रसिद्ध मेले में तकरीबन 50 लाख श्रद्धालु बाबाधाम में जलार्पण करेंगे। सुगम और सुरक्षित जलार्पण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक योजना तैयार की गई है।
भीड़ नियंत्रण हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन झारखंड गठन के बाद पहली बार अजगैबीनाथ से बाबाधाम तक एक एकीकृत संयुक्त योजना बनाई गई है। इस योजना का मुख्य आधार रियल टाइम रिपोर्टिंग और बेहतर भीड़ प्रबंधन है। गंगा तट पर कितने कांवड़ियों ने जल भरकर यात्रा शुरू की, इसकी रियल टाइम रिपोर्टिंग सीधे देवघर स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम को मिलेगी।
दोनों राज्यों के उच्च अधिकारियों से लेकर मैजिस्ट्रेट और पुलिस अफसरों के संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचनाएँ पल-पल साझा की जाएंगी। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि बाबाधाम में भीड़ बढ़ते ही बिहार के होल्डिंग पॉइंट्स पर कांवड़ियों को नियंत्रित किया जाएगा।
होल्डिंग पॉइंट पर अनियंत्रित भीड़ का अलर्ट देगा AI कैमरा
देवघर मेला क्षेत्र में एआई (AI) आधारित 225 कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे होल्डिंग पॉइंट पर क्षमता से अधिक भीड़ होते ही समेकित मेला कंट्रोल रूम (ICMR) के डैशबोर्ड पर तुरंत अलर्ट भेजेंगे और बार-बार नोटिफिकेशन देंगे।
जैसे ही AI कैमरा भीड़ की स्थिति की सूचना देगा, हाई-रेजोल्यूशन कैमरे से अलर्ट पाकर कंट्रोल रूम में बैठे मैजिस्ट्रेट एक्शन लेंगे। सिंगल पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम से यह सूचना प्रसारित कर संबंधित ओपी प्रभारी को भीड़ नियंत्रित करने का निर्देश दिया जाएगा। यह लाउडस्पीकर सूचना बाबा मंदिर से लेकर 10 किलोमीटर लंबी कतार तक प्रसारित की जाएगी।
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AI कैमरे दो तरह से करेंगे मदद
- हेड काउंटिंग और भीड़ नियंत्रण: दुम्मा प्रवेश द्वार से ही भक्त कैमरों की जद में आ जाएँगे। AI कैमरे अपने-आप श्रद्धालुओं की गिनती (Head Counting) कर भीड़ का सही अनुमान देंगे।
- फेस रिकॉग्निशन (अपनों को ढूंढने में मदद): रूटलाइन के हर मोड़ पर 'चेहरे की पहचान' (Facial Recognition) वाले कैमरे लगे होंगे। यदि कोई श्रद्धालु मेले में बिछड़ जाता है, तो यह सिस्टम लोकेट कर बता देगा कि संबंधित व्यक्ति को अंतिम बार किस जगह देखा गया था।
दो राज्यों का अंतरराज्यीय समन्वय
डबल डेकर वाहनों पर पूरी तरह रोक: संथाल परगना, भागलपुर और मुंगेर के आयुक्तों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में तय किया गया है कि मेले के दौरान देवघर में डबल डेकर कांवड़िया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
चौबीसों घंटे सूचनाओं का आदान-प्रदान: भागलपुर, बांका, जमुई और मुंगेर जिला प्रशासन के साथ चौबीसों घंटे समन्वय बनाकर पल-पल की जानकारी साझा की जाएगी।
बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा: श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे बच्चों और बुजुर्गों की जेब या गले में फोन नंबर और पता लिखा कार्ड अवश्य रखें। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मेले की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10,000 से अधिक पुलिस बल तैनात रहेंगे। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), एनडीआरएफ (NDRF) और क्यूआरटी (QRT) की विशेष टीमें पूरे मेला क्षेत्र में मुस्तैद रहेंगी।