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    देवघर में 108 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा के साथ बड़ा सेवा प्लान, 2029 तक पहला चरण पूरा होगा

    By Digital Desk Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Tue, 07 Apr 2026 04:55 PM (IST)

    Mega Hanuman Statue Project in Deoghar: देवघर में 108 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसका उद्देश्य संताल परगना में स्वास्थ्य और शिक्षा सेव ...और पढ़ें

    सेवा फाउंडेशन की कार्यकारिणी बैठक का शुभारंभ करते प्रदीप भैया, नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, सूदर्शन भगत और अन्य।

    सेवा फाउंडेशन की कार्यकारिणी बैठक का शुभारंभ करते प्रदीप भैया, नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, सूदर्शन भगत और अन्य।

    HighLights

    1. देवघर में 108 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा स्थापित होगी।

    2. संताल परगना में स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएं बढ़ेंगी।

    3. सेवा फाउंडेशन का पहला चरण 2029 तक पूरा होगा।

    डिजिटल डेस्क, देवघर। बिहार की राजधानी पटना के महावीर मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रेरणा से महावीर कैंसर संस्थान, महावीर आरोग्य संस्थान, महावीर नेत्रालय और महावीर वात्सल्य अस्पताल जैसे संस्थानों का संचालन हो रहा है।

    देवघर में भी 108 फीट ऊंची हनुमान जी की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि हनुमान जी संताल परगना के लोगों के कल्याण में कितना बड़ा योगदान देंगे।

    Pradeep Bhaiya

    जाने-जाने हनुमान कथा वाचक प्रदीप भैया देवघर के मैहर गार्डेन में रविवार को सेवा फाउंडेशन की कार्यकारिणी समिति (2026-27) की बैठक में त्रिकूट पहाड़ के पास तिउरनगर में भगवान हनुमान की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने के उद्देश्य पर प्रकाश डाल रहे थे।

    उन्होंने कहा कि झारखंड और संताल परगना में हजारों की संख्या में हनुमान मंदिर हैं। देश में 105 फीट से भी ऊंची प्रतिमाएं मौजूद हैं। ऐसे में एक और ऊंची प्रतिमा बनाने का उद्देश्य केवल भव्यता नहीं, बल्कि सेवा कार्यों को विस्तार देना है।

    उन्होंने कहा कि जिस तरह पटना का महावीर मंदिर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से प्रतिदिन हजारों लोगों को लाभ पहुंचा रहा है, उसी तरह देवघर में स्थापित होने वाली हनुमान जी की प्रतिमा से जुड़े सेवा प्रोजेक्ट संताल परगना के लोगों को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में मदद करेंगे।

    अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि करीब ढाई दशक पहले संताल परगना के पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा क्षेत्र में संथाल और पहाड़िया समुदाय के बीच शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का कार्य शुरू किया था।

    उस समय उनके पास मात्र 65 रुपये थे, लेकिन कुछ कर गुजरने का दृढ़ संकल्प था। आज सभी के सहयोग से यह प्रयास आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि हनुमान जी की प्रतिमा और उससे जुड़े सेवा प्रोजेक्ट का निर्माण तीन चरणों में होगा, जिसमें पहला चरण 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

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    भाजपा के बिहार-झारखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय महासचिव (संगठन) नागेंद्र नाथ त्रिपाठी ने सेवा फाउंडेशन और प्रदीप भैया के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के लिए बड़े कार्य वही लोग कर पाए हैं, जिनके पास संसाधनों की कमी रही है। उन्होंने कहा कि समाज के कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होती, समाज स्वयं आगे आकर सहयोग करता है।

    लोहरदगा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि जब वे झारखंड के शिक्षा मंत्री थे, तभी से प्रदीप भैया के सेवा कार्यों से एक साथी के रूप में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल वे किसी पद पर नहीं हैं, लेकिन मंदिर निर्माण में उनका पूरा योगदान रहेगा। उन्होंने अपने एक महीने की पेंशन मंदिर निर्माण के लिए देने की घोषणा की।

    सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष जयप्रकाश देवरालिया ने संस्था के सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए सभी से हनुमान जी की 108 फीट ऊंची प्रतिमा निर्माण में तन-मन-धन से सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल 2025 को प्रतिमा निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया था और 2029 तक प्रोजेक्ट के प्रथम चरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    कार्यक्रम का संचालन निरंजन ने किया। बैठक का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे अतिथियों के आगमन और स्थान ग्रहण के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान नवागंतुक अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर बैठक का विधिवत उद्घाटन किया।

    Sewa Foundation

    बैठक में संवाद सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें सदस्यों के बीच विचार-विमर्श और सुझावों का आदान-प्रदान हुआ। सभी प्रतिभागियों ने संगठन की प्रगति और समाजसेवा के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

    अंत में अध्यक्ष ने अपने संबोधन में सेवा फाउंडेशन की कार्यकारिणी समिति (सत्र 2026–2027) की औपचारिक घोषणा की और संस्था के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सभी सदस्यों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।