देवघर में 5 महीने से लापता युवक का मिला नर कंकाल, दोस्तों पर लगा हत्या का आरोप
मधुपुर के भीखनाडीह जंगल में मिले नरकंकाल की पहचान पांच माह से लापता 19 वर्षीय दिलीप तुरी के रूप में हुई है। ...और पढ़ें

युवक का मिला नरकंकाल। (जागरण)
HighLights
मधुपुर जंगल में मिला नरकंकाल, पहचान हुई दिलीप तुरी
पांच माह से लापता था 19 वर्षीय युवक दिलीप
परिजनों ने दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया, जांच जारी
संवाद सूत्र, मधुपुर (देवघर)। मधुपुर अनुमंडल क्षेत्र के बुढ़ई थाना क्षेत्र अंतर्गत करणपुरा टोला के भीखनाडीह जंगल से बरामद किए गए नरकंकाल की पुलिस पहचान कर ली है।
सूचना मिलने पर मृतक परिवार वाले घटनास्थल पर पहुंचे। नर कंकाल के पास से बरामद कपड़े और घड़ी के आधार पर मृतक की पहचान हुई है।
मृतक की पहचान बुढ़ई निवासी 19 वर्षीय दिलीप तुरी के रूप में की गई है। पुलिस ने इस नर कंकाल को बाहर निकाल कर कब्जे में ले लिया है।
बताया जाता है कि उसके अवशेष को फोरेंसिक लैब और डीएनए टेस्ट के लिए पुलिस भेजेगी। फिलहाल पुलिस ने पंचनामा कर नर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भी भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बताया जाता है कि चिकित्सकों की टीम पोस्टमार्टम करेगी। पुलिस इस प्रक्रिया में जुट गई है। बताया जाता है कि बुधवार को जंगल में लकड़ी और पत्ता चुनने गए बच्चों व ग्रामीणों ने मिट्टी से दबे नर कंकाल और उसके कपड़े को देखा।
इसके बाद उन लोगाें इसकी सूचना गांव के लोगों को दिया। सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।
पुलिस देर शाम तक नर कंकाल को निकालने में कानूनी प्रक्रिया में लगी रही। गुरुवार सुबह मिट्टी से दबे नर कंकाल को बाहर निकाला गया।
पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। घरवालों ने मृतक के तीनों दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। घर में मातम छा गया है।
क्या हैं मामला
बताया जाता है कि पांच माह पूर्व 23 जनवरी को सरस्वती पूजा के दिन दोस्त दिलीप को घर से बुला कर ले गए थे। मधुपुर मौजा के भीखानाडीह जंगल के तरफ ताड़ी पीने लिए दोस्त उसे ले गए थे। देर रात उसके घर नहीं लौटने पर घर वाले परेशान हो गए।
जिस दोस्त के साथ व करणपुरा टोला भीखनाडीह जंगल की तरफ ताड़ी पीने के लिए गया थे। उसी दोस्तों से उसकी मां ने दिलीप के बारे में पूछताछ की। उन लोगों ने उसकी मां को बताया था की दिलीप को जंगल में छोड़ दिया था।
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वह रिश्तेदार के यहां चला गया होगा। इसके बाद उसके मां ने रिश्तेदार समेत कई जगह फोन से दिलीप का खोजबीन किया। मगर कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मां अनार देवी ने तीन फरवरी को बुढ़ई थाना में आवेदन देकर बेटे की लापता होने और सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस से गुहार लगायी थी।
मां ने बताया था कि गांव के उसके दोस्त पिंटू तुरी, रवीन्द्र तुरी, धीरज मढैया घर से बुलाकर उसके बेटे को ले गए थे। घर वापस नहीं आने पर बेटे की खोज में उसकी मां दर-दर भटक रही थी। तब से उसकी मां बेटे की बरामदगी को लेकर लगातार थाना की चक्कर लगा रही थी।
वर्षा से मिट्टी खिसकने पर ग्रामीण को दिखा नरकंकाल
वर्षा से मिट्टी खिसकने पर ग्रामीणों को दिख गया नर कंकाल। इसके बाद लापता युवक की पहचान हो गई। ग्रामीण का कहना है कि जिस जगह पर दिलीप की हत्या कर गड्ढे में दबा दिया गया था। ऊपर से मिट्टी डाल दी गई थी। जैसे-जैसे बारिश हुई। मिट्टी खिसकती गई।
इसके बाद कपड़े और नर कंकाल के हड्डियां मिट्टी के ऊपर आया। तभी पत्तल और लकड़ी चुनने वाले की नजर उस पर पड़ी और दिलीप के लापता होने की गुत्थी सुलझ गई।
बता दें की बुधवार को जंगल में मिट्टी से दबे हुए एक नर कंकाल के मिलने से पूरे बुढ़ई इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस महकमा में भी हड़कंप मच गया था। आखिर नर कंकाल को कैसे निकाला जाए।
इसकी क्या प्रक्रिया है इसको लेकर असमंजय की स्थिति बनी हुई थी। इस कारण नर कंकाल को दूसरे दिन गुरुवार को गड्ढे से नर कंकाल को निकाला गया और प्लास्टिक में पैकिंग कर उसे थाना लाया गया। इसको लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा भी होने लगी है।
राजस्थान में मजदूरी करता था दिलीप
दिलीप राजस्थान में मजदूरी का काम करता था। वह छुट्टी लेकर सरस्वती पूजा में घर आया हुआ था। वह घर का एकमात्र कमाउ सदस्य था। वह अविवाहित था। दो भाई में वह बड़ा था। उसके छोटा भाई का दिमागी हालत ठीक नहीं है।
वह घर में ही रहता है। दिलीप की मौत हो जाने से घर में स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घरवालों ने साजिश के तहत हत्या करने का आरोप उसके दोस्तों पर लगाया है। पुलिस उसके तीनों संदिग्ध दोस्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।