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    जसीडीह की भीड़ से बचकर मधुपुर पहुंच रहे कांवड़िया, टेंट और सुरक्षा के इंतजाम न होने से बढ़ी परेशानी

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 01:50 PM (IST)

    जसीडीह की भीड़ से बचने के लिए कांवड़िया मधुपुर जंक्शन पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां उन्हें सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ...और पढ़ें

    मधुपुर स्टेशन पर कांवड़ियों की भीड़

    मधुपुर स्टेशन पर कांवड़ियों की भीड़

    HighLights

    1. जसीडीह की भीड़ से बचने मधुपुर पहुंच रहे कांवड़िए।

    2. मधुपुर स्टेशन पर सुविधाओं, सुरक्षा का भारी अभाव।

    3. कांवड़िए खुले में सोने, बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे।

    संवाद सूत्र, मधुपुर (देवघर)। सावन के महीने में मधुपुर जंक्शन पर बोल बम के नारों से पूरा माहौल शिवमय हो गया है। बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जल चढ़ाकर शिव भक्त ट्रेन पकड़ने के लिए यहां भारी संख्या में पहुंचने लगे हैं। जसीडीह स्टेशन पर धक्का मुक्की से बचने के लिए यहां से श्रद्धालु आराम से ट्रेन में चढ़ते हैं। 

    मधुपुर स्टेशन से कई मेला स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू किया गया है । मगर कांवड़ियों को श्रावणी मेला में मिलने वाली सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की दी गयी है। मधुपुर स्टेशन पर भी कांवड़ियों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में सुविधा व सुरक्षा बढाने की मांग की गयी है। 

    मधुपुर स्टेशन पहुंच रहे कांवड़िया

    श्रावणी मेला के दौरान एक माह में लाखों कांवड़िया रेल मार्ग से यात्रा करते हैं। इस दौरान जसीडीह, बैद्यनाथधाम, देवघर स्टेशन पर कांवड़ियों की भीड़ काफी बढ़ जाती है। लेकिन इसी दौरान मधुपुर स्टेशन में भी कांवड़ियों की संख्या काफी बढ़ गयी है। 

    बहुत से कांवड़िया ट्रेन पकड़ने के लिए मधुपुर पहुंच रहे हैं। यहां अन्य स्टेशन की तुलना में भीड़ कम रहती है इस कारण लोग ऑटो व टोटो से ट्रेन पकड़ने के लिए मधुपुर स्टेशन पहुंच रहे हैं। हालांकि अन्य स्टेशन की तुलना में श्रावणी मेला के दौरान मधुपुर स्टेशन में यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से कुछ खास नहीं किया गया है। 

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    प्लेटफार्म पर खुले में सोने को विवश 

    नौबत ये है कि रात के वक्त यात्री प्लेटफार्म पर खुले में सोने को विवश हैं। ऐसा की कुछ नजारा सोमवार की रात को भी मधुपुर स्टेशन पर देखने को मिला। कांवड़ियों की सुविधा के लिए मधुपुर स्टेशन से कई मेला स्पेशल ट्रेन का परिचालन रेलवे प्रशासन ने शुरू किया है। लेकिन मेला की जैसी सुविधाएं कांवरियों को यहां के स्टेशन पर उपलब्ध नहीं कराई गई है। 

    आम यात्रियों की तरह मिलने वाली सुविधा कांवड़ियों को यहां पर मिल रही है। मधुपुर जंक्शन पर कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ के बीच टेंट, अतिरिक्त पेयजल, शौचालय और सुरक्षा जैसी विशेष सुविधाओं का भारी अभाव है। जसीडीह स्टेशन पर भीड़ से बचने के लिए आ रहे कांवड़ियों ने प्रशासन से पोर्टिको और प्लेटफार्म पर सुरक्षा व अन्य सुविधा नदारद है। सब कुछ सीसीटीवी कैमरे के भरोसे है। 

    स्टेशन के बाहर कांवड़ियों को ठहरने के लिए एक भी टेंट नहीं लगाया गया है। पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नलों की संख्या नहीं बढ़ाई गई । भीड़भाड़ को व्यवस्थित और विधि व्यवस्था बनाएं रखने के लिए पोर्टिको में अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती नहीं किया गया है । स्टेशन के बाहर तीन शौचालय संचालित है। 

    खुले आसमान के बीच आराम व सोने को विवश

    कांवड़िया समेत अन्य यात्री रेल परिसर में जहां-तहां जमीन पर खुले आसमान के बीच आराम व सोने को विवश है । लोगों ने प्रशासन इंतजाम बढ़ाने की मांग की है। कांवरियों के विश्राम के लिए कोई विशेष टेंट नहीं, तथा पानी और शौचालय की आम यात्रियों जैसी ही सामान्य स्थिति है। 

    पोर्टिको में टोटो और ऑटो बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं, जिससे अंदर आना-जाना मुश्किल होता है। वहीं पैदल उपरी पुल पर असामाजिक तत्वों पर निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है।