Sawan First Day: बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर में भक्तों की उमड़ी भीड़, अरघा से सुगम हो रहा जलाभिषेक
Shravani Mela 2026: सावन माह की शुरुआत के साथ ही देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक प्रारंभ हो गया है। ...और पढ़ें
HighLights
सावन माह के पहले दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक शुरू।
सुबह 3 बजे मंदिर के पट खुले, अरघा से सुगम दर्शन।
उपायुक्त-एसपी ने व्यवस्था जांची, सुरक्षा का जायजा लिया।
जागरण संवाददाता, देवघर। Sawan 2026: आज गुरुवार 30 जुलाई से पवित्र सावन माह की शुरुआत हो गई। आज सावन का पहला दिन है। सावन के महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर की महिमा विशेष मानी जाती है। एक महीने तक देवघर में श्रावणी मेला लगता है।

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से भी लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। पूरे सावन माह में यहां आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
पहले दिन सुबह तीन बजे खुुला बाबा मंदिर का पट
श्रावणी मेला के पहले दिन गुरुवार को सुबह 3:02 बजे बाबा मंदिर का पट खुला। प्रातःकालीन विशेष पूजा के बाद आंतरिक और बाह्य अरघा स्थापित किया गया। बाह्य अरघा से जलार्पण करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालु रात दो बजे से ही मंदिर प्रांगण पहुंचने लगे थे।

श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के सुरक्षित एवं सुगम तरीके से जलार्पण कराने के उद्देश्य से श्रावणी मेला के पहले दिन उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की उपस्थिति में बाबा मंदिर में अरघा स्थापित किया गया। इसके बाद कतारबद्ध श्रद्धालुओं ने कड़े सुरक्षा घेरे के बीच बाबा भोलेनाथ पर सुगमतापूर्वक जलार्पण शुरू किया।
पहले दिन व्यवस्था का जायजा लेने के उद्देश्य से उपायुक्त ने बाबा मंदिर स्थित कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से बाबा मंदिर परिसर, गर्भगृह, निकास द्वार और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की लाइव मॉनिटरिंग की।
उन्होंने कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
ड्यूटी में हमेशा दिखे सेवा भाव
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को सेवा भाव से कार्य करने तथा देवघर आने वाले सभी कांवरियों और श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार करने का निर्देश दिया, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु देवघर से सुखद अनुभव और सकारात्मक संदेश लेकर लौटें।