झारखंड में श्रावणी मेला के लिए रेलवे ने शुरू की कई ट्रेंने, स्टेशनों पर कांवड़ियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
रेलवे ने श्रावणी मेला के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा के लिए जसीडीह, देवघर और बासुकीनाथ में व्यापक इंतजाम किए हैं। इनमें मधुप ...और पढ़ें

सीडीह, देवघर एवं बासुकीनाथ सहित प्रमुख तीर्थ स्टेशनों पर व्यापक इंतजाम किया है।
HighLights
स्टेशनों में श्रावणी मेला पंडाल का क्षेत्रफल बढ़ाया गया।
तेज टिकटिंग के लिए अतिरिक्त काउंटर, एटीवीएम।
स्वच्छता, सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ की गई।
जागरण संवाददाता, देवघर। श्रावणी मेला के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा, सुगम एवं आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने जसीडीह, देवघर एवं बासुकीनाथ सहित प्रमुख तीर्थ स्टेशनों पर व्यापक इंतजाम किया है।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्री क्षमता में वृद्धि, बेहतर रेल संपर्क, सुदृढ़ टिकटिंग व्यवस्था, उन्नत यात्री सुविधा, स्वच्छता, प्रौद्योगिकी आधारित संचालन तथा मजबूत सुरक्षा उपायों के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं को निर्बाध यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक श्रावणी मेला पंडाल का क्षेत्रफल 69,000 वर्ग फुट से बढ़ाकर 1,29,000 वर्ग फुट किया गया है, जिससे यात्रियों के ठहरने एवं भीड़ प्रबंधन के लिए अधिक स्थान उपलब्ध कराया गया है।
वहीं कावंड़ियों की बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। तेज एवं सुगम टिकटिंग सुविधा के लिए 20 यूटीएस टिकट काउंटर, 6 आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) तथा 30 मोबाइल यूटीएस उपकरण तैनात किए गए हैं।
इसके साथ ही रेल यात्रियों की सुविधा के लिए 25 अतिरिक्त वाटर कूलर, लगभग 400 एलईडी लाइटें, विस्तारित प्रतीक्षालय, बेहतर पेयजल व्यवस्था तथा समर्पित 'मे आई हेल्प यू' सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था पर विशेष फोकस
इस दौरान स्वच्छता और सफाई व्यवस्था पर विशेश फोकस किया जा रहा है। अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती के साथ व्यापक हाउसकीपिंग व्यवस्था की गई है। यात्री आवागमन एवं पंडाल क्षेत्रों में पीवीसी शीट बिछाई गई हैं।
इसके अतिरिक्त आठ मोबाइल बायो-टायलेट वैन तथा मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा निरंतर निगरानी के माध्यम से स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है। वहीं अतिरिक्त सीसीटीवी निगरानी, उन्नत पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, मोबाइल टिकटिंग नेटवर्क को सुदृढ़ बनाया गया है।
जसीडीह में 24 घंटे एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर तथा डीआरएम कार्यालय, आसनसोल में समर्पित वार रूम के माध्यम से सभी व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है।
वहीं सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए 330 रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों की तैनाती के साथ सीसीटीवी निगरानी, चिकित्सा दल, चिकित्सा सहायता केंद्र, अग्निशमन उपकरण तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कांवड़ियों से अनुरोध करता है कि वे रेलवे की घोषणाओं का पालन करें, फुट ओवरब्रिज का उपयोग करें, पटरियां पार न करें, केवल रुकी हुई ट्रेन में ही चढ़ें एवं उतरें, स्वच्छता बनाए रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर रेलवे कर्मचारियों से सहायता प्राप्त करें।
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श्रावणी मेला के दौरान मधुपुर एवं गया के बीच मेमू स्पेशल ट्रेन का होगा संचालन
श्रावणी मेला के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने मधुपुर एवं गया के बीच मेमू स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे द्वारा जारी सूचना के तहत 03654 गया–मधुपुर मेमू स्पेशल का परिचालन दो अगस्त 2026 से 16 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन चलेगी।
इस दौरान ये ट्रेन कुल 15 फेरा लगाएगी। यह ट्रेन गया से 17:00 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 02:20 बजे मधुपुर पहुंचेगी। वहीं 03653 मधुपुर–गया मेमू स्पेशल का परिचालन तीन अगस्त 2026 से 17 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन चलेगी।
ये ट्रेन कुल 15 फेरा लगाएगी। यह ट्रेन मधुपुर से 02:50 बजे प्रस्थान कर उसी दिन 12:00 बजे गया पहुंचेगी। ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग में दोनों दिशाओं में पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत जसीडीह एवं सिमुलतला स्टेशनों पर ठहरेगी।