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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'प्लीज मेरी शादी मत होने दीजिए...' दूल्‍हा करता रहा इंतजार, जिद पर अड़ी नाबालिग; चाइल्‍ड लाइन पर कर दिया फोन

    Updated: Thu, 08 Feb 2024 03:23 PM (IST)

    Dhanbad News धनबाद की एक बच्‍ची ने बहादुरी से काम लेते हुए बाल विवाह से साफ इंकार कर दिया है। इसके चलते उसके परिवारवाले यहां तक कि उसकी मां तक ने उसका ...और पढ़ें

    नाबालिग ने शादी से किया इनकार, चाइल्‍ड लाइन कर दिया फोन।
    नाबालिग ने शादी से किया इनकार, चाइल्‍ड लाइन कर दिया फोन।

    HighLights

    1. बच्‍ची की शादी बोकारो के अमलाबाद में होने वाली थी।
    2. शादी को लेकर बगावत के कारण उसे वापस ले जाने घर के सदस्य नहीं आए।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। अभी वह नौवीं की छात्रा है। उसकी उम्र सिर्फ 17 है। अपनी मां के साथ रहकर पढ़ना चाहती है। मां का संबल बनना चाहती है। पर रिश्तेदारों ने उसकी शादी तय कर दी। जब उसे पता चला तो उसने रांची चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर पर काॅल पर शिकायत कर दी। बुधवार को उसके फेरे होनेवाले थे।

    दूल्हा चंद्रपुरा के पहाड़ी मंदिर में फेरे का इंतजार कर रहा था। तभी चाइल्ड लाइन की टीम झरिया पुलिस के साथ नाबालिग लड़की के घर पहुंच गई और उसका रेस्क्यू किया। मामला झरिया के कोइरीबांध का है। उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां उसने शादी से साफ इनकार कर दिया।

    मैं पढ़ना चाहती हूं, प्लीज मेरी शादी मत होने दीजिए...

    सीडब्ल्यूसी पहुंची नाबालिग ने कहा कि वह नौंवी की छात्रा है और आगे पढ़ना चाहती है। उसने कहा प्लीज मेरी शादी मत होने दीजिए...। जांच में पाया गया है कि उसकी शादी बोकारो के अमलाबाद में होने वाली थी। जिससे शादी होने वाली थी, उसकी उम्र 24 वर्ष है। हालांकि नाबालिग का कहना है कि उसकी उम्र 30 साल से ज्यादा है।

    लड़की के स्वजन नहीं आए, भेजी गई बालिका गृह

    शादी को लेकर बगावत के कारण उसे वापस ले जाने घर के सदस्य नहीं आए। यहां तक कि उसकी मां भी नहीं आई। सीडब्ल्यूसी के आदेश पर उसे बालिका गृह भेजा गया। फिलहाल उसकी काउंसलिंग की जा रही है। काउंसलिंग के बाद उसका बयान लिया जाएगा।

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    नाबालिग ने साहसिक और प्रेरणादायी कदम उठाया है। उसे फिलहाल बालिका गृह भेजा गया है। काउंसलिंग के बाद उसका बयान लिया जाएगा। उसने पढ़ने की इच्छा जताई है। इस पर भी उचित निर्णय लिया जाएगा- उत्तम मुखर्जी, चेयरमैन, सीडब्ल्यूसी।

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