धनबाद में कोयले की चोरी नहीं, अब हो रही डकैती; कोल स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन ने जताई चिंता
Dhanbad News: धनबाद में बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनियों से बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी हो रही है, जिसे अब डकैती कहा जा रहा है। गंगटोक में संसदीय समि ...और पढ़ें

कोयला, खान और इस्पात संबंधी स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते अनुराग ठाकुर।
HighLights
धनबाद में बीसीसीएल से कोयले की बड़े पैमाने पर डकैती।
संसदीय समिति ने कोयला चोरी से राजस्व नुकसान पर चिंता जताई।
खदान सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण पर जोर, सख्त कार्रवाई के निर्देश।
जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड में बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी हो रही है। धनबाद कोयलांचल में तो बीसीसीएल के अधीन संचालित आउटसोर्सिंग कंपनियों में कोयले की एक तरह डकैती हो रही है। कंपनी का कोयला उठकर सीधे हार्ड कोक भट्ठों में पहुंच जा रहा है। इससे कंपनी का राजस्व घटता जा रहा है।
गंगटोक में संसदीय समिति की बैठक में उठा कोयला चोरी का मुद्दा
कोयला मंत्रालय से संबंधित कोयला, खान और इस्पात संबंधी संसद की स्थायी समिति (Standing Committee on Coal, Mines and Steel) की गंगटोक में बैठक चल रही है। इस बैठक में कोयला चोरी का मुद्दा प्रमुखता से उठा है।
समिति के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री Anurag Thakur ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि कोयला चोरी से न सिर्फ कंपनियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि राष्ट्र और राज्य के राजस्व को भी भारी क्षति पहुंच रही है। इससे खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी खतरा बढ़ रहा है।
हर साल करोड़ों के नुकसान की जानकारी
बैठक में शामिल सूत्रों के अनुसार, कोयला कंपनियों के सीएमडी ने समिति को बताया कि कोयला चोरी के कारण कंपनियों को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। संगठित गिरोहों की सक्रियता से उत्पादन और राजस्व दोनों प्रभावित हो रहे हैं। समिति ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सख्त कार्रवाई का रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया।
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खदान सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
बैठक की अध्यक्षता कर रहे अनुराग ठाकुर ने कहा कि खदान सुरक्षा, भूमिगत आग और पर्यावरण संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कंपनी के रोडमैप और झरिया अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी दी। कोल इंडिया के तकनीकी निदेशक अचूक घातक ने ग्रीन माइनिंग और थ्री-डी मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
चार से आठ मई तक चल रहा अध्ययन दौरा
संसदीय समिति का यह अध्ययन दौरा चार मई से आठ मई तक सिलीगुड़ी, गंगटोक और हैदराबाद में निर्धारित है। गंगटोक में पांच से सात मई तक कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल और एमसीएल के अधिकारियों के साथ बैठकें हो रही हैं। समिति कोयला उत्पादन, विस्थापन, मुआवजा और बुनियादी ढांचे का मौके पर जायजा भी ले रही है।
मजदूरों की सुरक्षा और पुनर्वास पर फोकस
समिति ने स्पष्ट किया कि कोयला देश की ऊर्जा जरूरत है, लेकिन चोरी, आग और भू-धंसान की कीमत पर नहीं। मजदूरों की सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्वास सरकार की प्राथमिकता होगी।
बैठक में 28 सांसदों के अलावा ईसीएल के सीएमडी सतीश चंद्र झा, सीसीएल के सीएमडी एनके सिंह, बीसीसीएल के तकनीकी निदेशक संजय कुमार सिंह, जीएम संजय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।