‘27 तक कर देना है साफ’... BCCL CMD को धमकी की पूरी कहानी आई सामने, सरायढेला थाने में FIR
Bharat Coking Coal Limited के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल को कथित जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया ...और पढ़ें

BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल। (फाइल फोटो)
HighLights
बीसीसीएल सीएमडी मनोज अग्रवाल को जान से मारने की कथित धमकी।
कोयला चोरी, अवैध खनन के खिलाफ अभियान से जुड़ी धमकी।
सरायढेला थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज।
जागरण संवाददाता, धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल को जान से मारने की कथित धमकी का मामला सामने आने के बाद धनबाद में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कोयला चोरी और अवैध खनन के खिलाफ बीसीसीएल की ओर से चलाए जा रहे लगातार अभियान के बीच एक सार्वजनिक वाहन में हुई कथित बातचीत ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
शुक्रवार शाम को मामले में बीसीसीएल के महाप्रबंधक (सुरक्षा) मो. हफीजूल कुरेशी ने सरायढेला थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। इधर पूरे मामले को लेकर बीसीसीएल, कोल इंडिया से लेकर कोयला मंत्रालय तक हरकत में आ गया है।
शिकायत में एक कथित बातचीत का उल्लेख किया गया है, जिसमें बीसीसीएल के सीएमडी को निशाना बनाने की बात कही गई है। बातचीत में कथित तौर पर 'पांच पेटी का इंतजाम कर लो' और '27 तक साफ कर देना है' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि सीएमडी कोयले के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार छापेमारी और कार्रवाई करवा रहे हैं।
टेम्पो में हुई बातचीत से सामने आया मामला
बीसीसीएल की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 12 अगस्त 2025 की रात करीब 9 बजकर 20 मिनट पर धनबाद रेलवे स्टेशन से कोयला भवन की ओर जा रहे एक टेम्पो में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के एक जवान को कथित तौर पर महत्वपूर्ण बातचीत सुनाई दी।
बताया गया है कि रणधीर कर्मा चौक के आसपास दो अज्ञात व्यक्ति टेम्पो में सवार हुए। दोनों के बीच बातचीत के दौरान बीसीसीएल के सीएमडी का जिक्र आया। शिकायत के अनुसार, बातचीत में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा“सीएमडी वापस आ रहा है, पांच पेटी का इंतजाम कर लो। 27 तक साफ कर देना है। कोयले पर बहुत रेड करवा रहा है।
इस बातचीत की सूचना सुरक्षा तंत्र तक पहुंचने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। बीसीसीएल प्रबंधन ने इसे केवल आपराधिक धमकी का मामला नहीं, बल्कि कंपनी की ओर से अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के संदर्भ में गंभीर सुरक्षा चुनौती माना है।
‘पांच पेटी’ की बात ने बढ़ाई चिंता
पूरे मामले में ‘पांच पेटी का इंतजाम कर लो’ वाली बात सबसे अधिक चर्चा में है। हालांकि, शिकायत में प्रयुक्त इस कथित शब्द का वास्तविक आशय क्या था और यह रकम, अवैध वसूली अथवा किसी अन्य आपराधिक योजना से संबंधित था या नहीं, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
इसी तरह ‘27 तक साफ कर देना है’ जैसे कथित शब्दों को लेकर भी जांच एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। यह किस तारीख की ओर इशारा था, ‘साफ कर देने’ से कथित तौर पर क्या आशय था और बातचीत में शामिल लोगों की पहचान कौन है—इन सभी बिंदुओं की जांच पुलिस के लिए अहम होगी।
अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई से नाराजगी का आरोप
बीसीसीएल प्रबंधन की शिकायत में यह भी कहा गया है कि पिछले कुछ समय से कंपनी की ओर से कोयला चोरी, अवैध खनन और कोयले के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और बीसीसीएल का सुरक्षा विभाग भी इन अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
महाप्रबंधक सुरक्षा ने प्राथमिकी और जांच की मांग की
बीसीसीएल के महाप्रबंधक (सुरक्षा) मो. हफीजूल कुरेशी ने सरायढेला थाना प्रभारी को दिए पत्र में पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले का उद्भेदन करने का अनुरोध किया है।
शिकायत में कहा गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित लोगों की पहचान की जाए और यह पता लगाया जाए कि कथित धमकी के पीछे कौन लोग हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि बातचीत महज आपराधिक धमकी तक सीमित थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।
27 तारीख को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी सतर्कता
मामले में 27 तारीख का स्पष्ट उल्लेख होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से यह तारीख विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो गई है। कथित बातचीत में “27 तक साफ कर देना है” कहे जाने से यह आशंका पैदा हुई है कि उक्त तारीख किसी संभावित आपराधिक योजना की समय-सीमा हो सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक अर्थ और मंशा जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कोयला मंत्रालय और झारखंड सरकार को भी दी गई सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना कोयला मंत्रालय, झारखंड सरकार तथा संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को भी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे स्पष्ट है कि बीसीसीएल प्रबंधन इस प्रकरण को स्थानीय स्तर की शिकायत तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि इसे कंपनी के शीर्ष अधिकारी की सुरक्षा से जुड़े गंभीर विषय के रूप में देख रहा है।
