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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पिटाई से कोयला चोर बेहोश, CISF के सब इंस्पेक्टर व जवान बनाए गए बंधक; मौके पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे छुड़ाया

    Updated: Thu, 09 May 2024 09:22 AM (IST)

    सीआइएसएफ बैजना कोलियरी कैंप के सब इंस्पेक्टर व चार जवान मुगमा के बंगाल-बिहार बस्ती में अवैध कोयला जब्त करने गए थे। इस दौरान लोगों ने उन्‍हें एक घंटे त ...और पढ़ें

    घटना स्थल पर जुटी भीड़ और सीआईएसएफ के जवान
    घटना स्थल पर जुटी भीड़ और सीआईएसएफ के जवान

    HighLights

    1. पिटाई से कोयला चोर बेहोश, सीआइएसएफ सब इंस्पेक्टर व जवान बंधक
    2. मुगमा के बिहार-बंगाल बस्ती के पीछे छापेमारी करने गई सीआइएसएफ टीम को एक घंटे तक घेरा
    3. निरसा थाने की पुलिस की मौजूदगी में हंगामा, कोयला जब्त किए बिना जान बचाकर भागी सीआइएसएफ

    संसू, गलफरबाड़ी। मुगमा के बंगाल-बिहार बस्ती में अवैध कोयला जब्त करने गए सीआइएसएफ बैजना कोलियरी कैंप के सब इंस्पेक्टर व चार जवानों को कोयला चोरों ने लगभग एक घंटे तक बंधक बनाकर रखा। बाद में निरसा थाने की पुलिस ने सीआइएसएफ अधिकारी व जवानों को सुरक्षित निकाला।

    छापामारी करने पहुंचे थे सुरक्षा बलों के जवान

    बैजना कोलियरी कैंप के सीआइएसएफ को सूचना मिली थी कि कोयला चोरों ने कापासारा कोलियरी से अवैध ढंग से कोयले का खनन कर बिहार-बंगाल बस्ती के पीछे जमा कर रखा है। वहां से बाइक व अन्य वाहनों से कोयले को भट्ठों में खपाया जा रहा है।

    इसी सूचना पर सुबह करीब आठ बजे सीआइएसएफ के सब इंसपेक्टर व चार जवान बोलेरो से छापामारी करने पहुंचे। उन्हें देख मुगमा स्टेशन रोड निवासी मजार अंसारी अवैध कोयला व बाइक को छोड़कर भागने लगा। जवानों ने उसे पीछा कर पकड़ लिया और पिटाई कर दी। इससे वह बेहोश हो गया।

    जवानों को एक घंटे तक बंधक बनाकर रखा

    उसके स्वजन को अन्य कोयला चोरों ने इसकी जानकारी दी। खबर मिलते ही मजार के स्वजन आसपास के सैकड़ों लोग के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। उनके साथ अन्य कोयला चोर भी थे।

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    बेहोश पड़े मजार को देखने ही उग्र हो गए और सीआइएसएफ अधिकारी व जवानों को घेर कर हंगामा शुरू कर लिया। लगभग एक घंटे तक उन्हें बंधक बनाकर रखा।

    सीआइएसएफ के सब इंसपेक्टर ने निरसा थाने की पुलिस से मदद मांगी। पुलिस गश्ती दल पहुंचा और हंगामा कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की, पर नहीं माने।

    पुलिस‍कर्मियों ने सख्‍ती दिखाकर लोगों को किया शांत

    उनका कहना था कि सीआइएसएफ पहले मजार का इलाज कराएं, उसके बाद जाने दिया जाएगा। हंगामा बढ़ते देख पुलिस गश्ती दल ने निरसा थानेदार मंजीत सिंह को सूचना दी। थानेदार के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने सख्ती दिखाकर लोगों को शांत कराया।

    उनके शांत होते ही सीआइएसएफ सब इंस्‍पेक्टर व जवान वहां से चुपचाप खिसक गये। बाद में स्वजन ने स्थानीय नर्सिंग होम में मजार का इलाज कराया। सीआइएसएफ सूत्रों का कहना है कि भागने के क्रम में मजार स्कूटर से गिरकर बेहोश हो गया था। उसके साथ मारपीट नहीं की गई।

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