कोल इंडिया में पेंशन व्यवस्था बदलने की तैयारी, नई नियुक्तियों के लिए NPS का प्रस्ताव
Coal India के कार्यकारी अधिकारियों की पेंशन व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है, जिसमें नई नियुक्तियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली लागू करने का प् ...और पढ़ें

कोल इंडिया में नई नियुक्तियों की पेंशन बदलेगी। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
नई नियुक्तियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का प्रस्ताव।
इस्तीफा देने वाले अधिकारियों के लिए नए नियम तय।
तीन नई बीमा कंपनियां वार्षिकी सेवा प्रदाता बनीं।
जागरण संवाददाता, धनबाद। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के कार्यकारी अधिकारियों की पेंशन व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलावों की तैयारी शुरू हो गई है। कंपनी के कार्यकारी अंशदायी पेंशन न्यास (ईडीसीपीएस ट्रस्ट) की 14वीं न्यासी मंडल बैठक के कार्यवृत्त सार्वजनिक होने के बाद यह जानकारी सामने आई है।
26 जून 2026 को कोलकाता स्थित कोल भवन में हुई बैठक में पेंशन कोष के संचालन, बीमा सेवा प्रदाताओं के चयन, नई नियुक्तियों के लिए पेंशन व्यवस्था, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में स्थानांतरण तथा इस्तीफा देने वाले अधिकारियों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर सहमति बनी।
बैठक में न्यास के बैंक खातों के लिए कॉरपोरेट इंटरनेट बैंकिंग सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही आनलाइन धन हस्तांतरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए अधिकृत अधिकारियों को मंजूरी दी गई। इससे पेंशन कोष के वित्तीय लेन-देन में सुविधा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
तीन नई बीमा कंपनियां बनीं वार्षिकी सेवा प्रदाता
कार्यकारी अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अधिक विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीन नई बीमा कंपनियों को वार्षिकी सेवा प्रदाता के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
इनमें आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस, स्टार यूनियन दाइ-इची लाइफ इंश्योरेंस और श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस शामिल हैं। अब अधिकारियों को पेंशन योजना के तहत वार्षिकी चुनने के लिए पहले से अधिक विकल्प मिलेंगे।
इस्तीफा देने वाले अधिकारियों के लिए नई व्यवस्था
बैठक में तय किया गया कि 1 जनवरी 2017 के बाद इस्तीफा देने वाले अधिकारियों के मामलों में संचित पेंशन कोष का निपटारा निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा। पात्रता होने पर राशि संबंधित अधिकारी को लौटाई जाएगी या उससे वार्षिकी खरीदी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में आयकर नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा।
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दूसरी सरकारी कंपनी में जाने पर मिलेगा लाभ
यदि कोई अधिकारी कोल इंडिया छोड़कर किसी अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में जाता है, जहां राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली अथवा कोल इंडिया जैसी अंशदायी पेंशन योजना लागू है, तो उसका संचित पेंशन कोष संबंधित राष्ट्रीय पेंशन खाते में स्थानांतरित किया जा सकेगा। इससे अधिकारियों की पेंशन राशि सुरक्षित बनी रहेगी और सेवा परिवर्तन का नुकसान नहीं होगा।
कार्यकारी से गैर-कार्यकारी बनने वालों पर भी स्पष्ट नीति
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो अधिकारी किसी कारणवश कार्यकारी पद से वापस गैर-कार्यकारी श्रेणी में आते हैं, उनके मामलों का निपटारा पहले से निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।
नई नियुक्तियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का प्रस्ताव
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नई नियुक्तियों से जुड़ा रहा। न्यासी मंडल ने प्रस्ताव दिया कि भविष्य में होने वाली नई नियुक्तियों तथा विभागीय पदोन्नति से कार्यकारी बनने वाले अधिकारियों के लिए वर्तमान पेंशन योजना के स्थान पर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (कारपोरेट एनपीएस) लागू करने का प्रस्ताव कोल इंडिया के निदेशक मंडल के समक्ष रखा जाए। हालांकि इस व्यवस्था को अंतिम रूप तभी मिलेगा, जब निदेशक मंडल इसकी मंजूरी देगा।
एलआईसी की मास्टर पालिसी का किया गया विलय
बैठक में यह भी बताया गया कि पेंशन न्यास से संबंधित भारतीय जीवन बीमा निगम की एक मास्टर पॉलिसी का दूसरी मास्टर पॉलिसी में विलय कर दिया गया है। इससे पेंशन कोष के प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।