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कोल इंडिया में बड़े सुधार की तैयारी, पुनर्वास में तेजी से उत्पादन बढ़ाने पर जोर

By Ashish Kumar Ambastha Edited By: Mritunjay Pathak
Published: Wed, 06 May 2026 06:04 PM (IST)

Coal India Reforms: कोयला मंत्रालय ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए कोल इंडिया को उत्पादन बढ़ाने, विस्थापितों के पुनर्वास और परिसंपत्ति मुद्रीकरण पर जोर देने का निर्देश दिया है।

कोल इंडिया में उत्पादन पर जोर।

कोल इंडिया में उत्पादन पर जोर।

HighLights

  1. कोयला मंत्रालय का कोल इंडिया को ऊर्जा सुरक्षा हेतु निर्देश।

  2. 2768 विस्थापित परिवारों को 309 करोड़ रुपये का भुगतान।

  3. नई कॉलोनियां, अस्पताल, स्कूल व डिजिटल सुविधाएं विकसित।

जागरण संवाददाता, धनबाद। देश की ऊर्जा सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कोयला मंत्रालय ने बड़े सुधारों की तैयारी कर ली है। मंत्रालय ने कोल इंडिया को स्पष्ट निर्देश दिया है कि उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के साथ-साथ विस्थापितों का पुनर्वास और परिसंपत्ति मुद्रीकरण (एसेट मोनेटाइजेशन) सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

कोयला मंत्री की हालिया समीक्षा बैठक के मिनट्स के अनुसार, अप्रैल 2026 तक पुनर्वास की दिशा में मील का पत्थर गाड़ते हुए 2768 विस्थापित परिवारों को 309 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही, 158 परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे प्राप्त राशि का उपयोग नई खदानों के विस्तार और जन-कल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया आशियाना

धनबाद-झरिया, रानीगंज और तालचेर जैसे कोयला क्षेत्रों के विस्थापितों के लिए 10 अप्रैल 2026 से एक विशेष पुनर्वास कालोनी का निर्माण शुरू हो गया है। 636 प्लाट वाली इस कॉलोनी में केवल घर ही नहीं, बल्कि कम्युनिटी सेंटर, हेल्थ सेंटर, स्कूल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी बुनियादी सुविधाएं भी होंगी।

आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत

मंत्रालय का मानना है कि घरेलू उत्पादन बढ़ने से न केवल बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि कोयला आयात पर निर्भरता घटने से देश की विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। इससे महंगाई पर नियंत्रण पाने में भी मदद मिलेगी।

कर्मचारियों के साथ आम लोगों को भी मिलेगा लाभ

कोल इंडिया ने कर्मचारियों के कल्याण के साथ आम लोगों की सुविधा के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। पहले चरण में माडल अस्पताल, स्कूल और कालोनियां बनेंगी। साथ ही डिजिटल प्लेटफार्म से पेंशन-पीएफ का निपटान आसान होगा।

कंपनी पहले चरण में 23 माडल अस्पताल, 32 माडल स्कूल, 33 माडल कॉलोनियां और 30 खेल परिसर बनाएगी। इन अस्पतालों और स्कूलों में कर्मचारियों के साथ आसपास के आम लोगों को भी बेहतर इलाज और शिक्षा की सुविधा मिलेगी।

सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सी-केयर 2.0 पोर्टल शुरू किया गया है। इससे पेंशन और पीएफ का निपटान अब घर बैठे आसान हो गया है। बुजुर्ग कर्मियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

एक लाख .13 लाख से ज्यादा कर्मियों को मेडिकल मदद

कोल इंडिया 1,13,898 सेवानिवृत्त लाभार्थियों को मेडिकल सहायता दे रहा है। इलाज के लिए देशभर में 523 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इससे कर्मियों के साथ उनके आश्रितों को भी कैशलेस इलाज का लाभ मिल रहा है।

कंपनी ने स्वास्थ्य अभियान चलाकर 65,000 कर्मचारियों की टीबी स्क्रीनिंग कराई है। समय पर जांच से बीमारी की रोकथाम होगी और स्वस्थ समाज बनाने में मदद मिलेगी। इसका सीधा लाभ कोयलांचल के लोगों को भी मिलेगा।

कोल इंडिया प्रबंधन का कहना है कि इन योजनाओं से कर्मचारियों का जीवन स्तर सुधरेगा और आसपास के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य-शिक्षा की बेहतर सुविधाएं पहुंचेंगी।

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