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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    धनबाद-बोकारो में बर्ड फ्लू का खतरा, मुर्गियों की अप्राकृतिक मौत पर अलर्ट जारी, पोल्‍ट्री फार्म पर पैनी नजर

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Tue, 21 Feb 2023 10:23 AM (IST)

    धनबाद बोकारो रांची जमशेदपुर सहित कई जिलों में मुर्गियों के अप्राकृतिक रूप से मरने की घटना सामने आई है। इसे देखते हुए बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है ...और पढ़ें

    धनबाद व बोकारो में बर्ड फ्लू के खतरे की आशंका
    धनबाद व बोकारो में बर्ड फ्लू के खतरे की आशंका

    जागरण टीम, धनबाद/बोकारो। धनबाद व बोकारो सहित राज्य में मुर्गियों व पक्षियों की अप्राकृतिक मौत को देखते हुए राज्य पशुपालन विभाग ने बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। धनबाद में विभाग ने 114 मुर्गियों के सैंपल लिए हैं। इनको जांच के लिए रांची में पशु स्वास्थ्य उत्पादन संस्थान भेजा गया है। बोकारो में भी पशुपालन विभाग सतर्क है। पाल्ट्री फार्म व मुर्गियों पर नजर रखने के लिए प्रखंड स्तर तक टीम बनाई गई है।

    बर्ड फ्लू से निपटने के लिए विभाग अलर्ट

    पशुपालन चिकित्सा अधिकारी डा. मनोज कुमार मणि ने कहा- मुर्गियां किस बीमारी से मर रही हैं, इसकी जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। हालांकि, बर्ड फ्लू से निपटने के लिए विभाग अलर्ट है। धनबाद में जिला पशुपालन अधिकारी डा. प्रवीण कुमार ने सभी प्रखंड पशुपालन अधिकारी और डिस्पेंसरी प्रभारी को अपने-अपने इलाके में निगरानी रखने का निर्देश दिया है।

    मुर्गियों के मरने से पोल्‍ट्री फार्म को झटका

    मुर्गियों की मौत की सूचना तत्काल जिला और राज्य मुख्यालय को देने को कहा गया है। रांची, जमशेदपुर समेत कई जिलों में मुर्गियां मर रही हैं। जिला पशुपालन विभाग के अनुसार धनबाद में 500 से ज्यादा पाल्ट्री फार्म चल रहे हैं। कुक्कुट पालन योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में कई जगह पाल्ट्री फार्म संचालित हैं। कई संचालकों का कहना है कि बर्ड फ्लू के मामले भले न हों, लेकिन मुर्गियों के इस तरह मरने से उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा।

    जानें क्‍या होता है बर्ड फ्लू

    बर्ड फ्लू केवल पक्षियों के लिए ही नहीं, बल्कि इंसानों के लिए खतरनाक होता है। यह बीमारी एवियन इन्फ्लूएंज़ा वायरस H5N1 की वजह से होती है। यह बीमारी मुर्गी, टर्की, गीस, मोर और बत्तख जैसी पक्षियों में तेजी से फैलता है। इस वायरस से संक्रमित पक्षियों की मौत तक हो सकती है इसलिए इससे संक्रमित पक्षियों को अलग रखा जाता है और इन पर विशेष निगरानी रखी जाती है ताकि इनसे संक्रमण और कहीं न फैलें। इस दौरान संक्रमण वाली जगहों पर पक्षियों की मांस बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाता है। 

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    इंसानों में कैसे फैलता है बर्ड फ्लू

    वैसे तो बर्ड फ्लू इंसानों में आसानी से नहीं फैलता, लेकिन यदि कोई संक्रमित पक्षियों के बहुत करीब आता है या संक्रमित पक्षियों से दूषित पानी में तैराकी करता या नहाता है, कच्चे या अधपके मांस या अंडे का सेवन करता है या इससे संक्रमित व्‍यक्ति के निकट जाता है, तो बर्ड फ्लू की चपेट में आ सकता है। 

    बर्ड फ्लू के लक्षण

    •  लगातार कफ रहना।
    •  सिर में दर्द रहना।
    •  पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना।
    •  नाक बहना।
    •  मांसपेशियों में दर्द।
    •  गले में सूजन।
    •  दस्त।
    •  हर वक्‍त उल्‍टी या मतली का महसूस होना।
    •  सांस लेने में समस्या के साथ निमोनिया हो सकता है।
    •  कंजंक्टिवाइटिस (आंख का इंफेक्शन)।

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