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    धनबाद में प्राइवेट हॉस्पिटल पर निगम ने ठोका 3 करोड़ का जुर्माना, अवैध बिल्डिंग तोड़ने का आदेश

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 08:09 PM (IST)

    Dhanbad Municipal Corporation ने असर्फी अस्पताल पर स्वीकृत मानचित्र से अधिक निर्माण और अन्य उल्लंघनों के लिए 3.27 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया ह ...और पढ़ें

    धनबाद के आठ लेन रोड स्थित असर्फी अस्पताल। (फाइल फोटो)

    धनबाद के आठ लेन रोड स्थित असर्फी अस्पताल। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. असर्फी अस्पताल पर 3.27 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना।

    2. अनधिकृत निर्माण हटाने और पार्किंग व्यवस्था बहाल करने का आदेश।

    3. झारखंड नगरपालिका अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। नगर निगम धनबाद ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों का जुर्माना लगाया है। नगर निगम ने यह कार्रवाई झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 एवं झारखंड भवन उपविधि 2016 के प्रावधानों के तहत किया है।

    शहर के बड़े अस्पतालों में शुमार असर्फी अस्पताल ने स्वीकृत भवन मानचित्र से अधिक निर्माण किया है। केवल यही नहीं अस्पताल निर्माण में अतिरिक्त तल के साथ-साथ क्षेत्रफल का अनधिकृत निर्माण भी किया गया है।

    नक्शा में दिखाया गया स्वीकृत पार्किंग व्यवस्था का भी उल्लंघन तथा भवन उपविधियों के अलावा अन्य उल्लंघन भी किए गए हैं। इसका खुलासा नगर निगम की जांच में हुआ है।

    नगर निगम की ओर से भवन वाद संख्या 05-2025 में असर्फी हास्पिटल धनबाद के संबंध में विस्तृत जांच, संयुक्त निरीक्षण, फिर से मापन एवं सभी पक्षों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए नगर निगम की ओर से विधिसम्मत आदेश पारित किया गया है।

    जांच में स्वीकृत भवन में कई तरह के उल्लंघनों की पुष्टि हुई है। जिसके बाद नगर निगम धनबाद ने आदेश पारित करते हुए असर्फी अस्पताल प्रबंधन को धनबाद नगर निगम में कुल 3,27,64,750 रुपये जमा करने का आदेश दिया है।

    वहीं 1335.30 वर्गमीटर असमायोज्य अनधिकृत निर्माण को हटाने के लिए अवधि निर्धारित की गई है। इसके अलावा नगर निगम की ओर से दी गई निर्धारित अवधि में स्वीकृत पार्किंग व्यवस्था को फिर से स्थापित करने तथा भवन की ऊंचाई 15 मीटर से अधिक होने के कारण आवश्यक फायर सेफ्टी एनओसी एवं अन्य अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

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    नगर निगम की ओर से दी गई निर्धारित अवधि में आदेश का अनुपालन नहीं होने पर नगर निगम की ओर से ध्वस्तीकरण, सीलिंग, बकाया राशि की वसूली एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने सभी नागरिकों, भवन स्वामियों, अस्पतालों, संस्थानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कहा है कि भवन निर्माण, विस्तार अथवा उपयोग के दौरान झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 एवं झारखंड भवन उपविधि 2016 का पूर्ण रुप से पालन करें।

    इसकी अनदेखी अथवा अन्य भवन उपविधियों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध विधि के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    इसके पूर्व कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर चुका है नगर निगम

    नगर निगम धनबाद ने बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के संचालित हो रहे शहर के 172 होटल, लाज, धर्मशाला, बैंक्वेट हाल और विवाह भवनों की सूची सार्वजनिक करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई शुरू की थी। इनमें शहर के थ्री स्टार होटल से लेकर छोटे लाज तक शामिल थे।

    निगम ने इन सभी प्रतिष्ठानों को लाइसेंस के लिए आखिरी मौका देते हुए चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में संचालक आवेदन नहीं करने पर नगर निगम की ओर से सीलिंग और संचालन पर रोक समेत वैधानिक कार्रवाई करते हुए नियमावली, 2013 और झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के तहत कार्रवाई की गई। भारी जुर्माना भी वसूला गया है। निगम की कार्रवाई के डर से दर्जनों प्रतिष्ठानों राशि जमा भी कराई।

    भवन का निर्माण पुराने बायलॉज के अनुसार हुआ है। जबकि नगर निगम की गणना नए बायलॉज के अनुसार हुई है। ऐसे में गणना में त्रुटि सुधार के लिए अपील की जाएगी। जो भी निर्माण और काम हुए हैं, सभी नियमानुसार हैं। 

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    हरेंद्र सिंह, सीईओ, असर्फी अस्पताल लिमिटेड

    नगर निगम की अधिकांश कर्मी व पदाधिकारी एसआइआर में लगे हुए थे। अब फिर से नगर निगम की ओर से बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण, स्वीकृत योजना से विचलन, पार्किंग एवं अग्नि सुरक्षा मानकों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। जो भी निर्धारित नियम व मानक हैं सभी को उसका पालन करना होगा। यदि कोई समस्या या त्रृटि है तो संबंधित अधिकारियों काे अपनी समस्याओं से अवगत कराएं, समाधान का प्रयास किया जाएगा। कार्रवाई करना नगर निगम का उद्देश्य नहीं है।

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    आशीष गंगवार, नगर आयुक्त, नगर निगम धनबाद