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World Sleep Day: दूर जा रही नींद, करीब आ रहा BP-Sugar; स्क्रीन टाइम बना रहा युवाओं को बीमार

Published: Fri, 13 Mar 2026 10:51 AM (IST)

विश्व नींद दिवस आज। धनबाद में लगभग 8 लाख लोग अनिद्रा से पीड़ित हैं, जिनमें 17-35 आयु वर्ग के 72% ...और पढ़ें

धनबाद में 8 लाख लोग अनिद्रा के शिकार, स्क्रीन टाइम बन रहा मुख्य कारण।

धनबाद में 8 लाख लोग अनिद्रा के शिकार, स्क्रीन टाइम बन रहा मुख्य कारण।

HighLights

  1. धनबाद में 8 लाख लोग अनिद्रा से पीड़ित हैं।

  2. 17-35 आयु वर्ग के 72% युवा देर रात जागते हैं।

  3. 4-7 घंटे स्क्रीन उपयोग से नींद प्रभावित हो रही।

मोहन गोप, धनबाद। हाउसिंग कालोनी के रहने वाले 32 वर्षीय राकेश शर्मा चिड़चिड़ा हो गए हैं। बात-बात पर गुस्सा हो जाते हैं। रक्तचाप तेजी से बढ़ रहा है, चिकित्सक के पास दिखाने पर पता चला कि इसके पीछे अनिद्रा है। राकेश पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं।

चिकित्सक ने बताया कि इसके पीछे स्क्रीन का अत्यधिक प्रयोग है, जो तनाव उत्पन्न कर रहा है। इससे नींद खराब हो रही है। राकेश की तरह धनबाद में लगभग 8 लाख लोग अनिद्रा के शिकार हो रहे हैं। हर दिन ऐसे लोग एसएनएमएमसीएच एवं सदर अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग पहुंच रहे हैं।

सदर अस्पताल के मनोचिकित्सक डाॅ. संजय कुमार बताते हैं कि नींद शारीरिक मजबूती, मस्तिष्क के स्वास्थ्य, याददाश्त को मजबूत करने और भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए जरूरी है। लेकिन दिनचर्या में बदलाव, खानपान व स्क्रीन पर हर दिन 4 से 7 घंटे बिताना अनिद्रा को जन्म दे रहा है। डा. संजय कहते हैं कि 2026 में अच्छी नींद लें, बेहतर जीवन जिएं थीम है।

धनबाद में 8 लाख आबादी को अनिद्रा की परेशानी

डाॅ. संजय बताते हैं कि धनबाद के लगभग आठ लाख लोग अनिद्रा के शिकार हो रहे हैं। ओपीडी में आने वाले लगभग 70 प्रतिशत मरीजों को यह परेशानी मिल रही है।

इसमें अधिकांश लोग ऐसे हैं, जो स्क्रीन पर अपना समय सबसे ज्यादा बिता रहे हैं। बिस्तर पर आने के बाद यदि 40 मिनट के बाद भी नींद नहीं आती है, तो इसे अनिद्रा की श्रेणी में रखा जाता है।

एक दिन में कितना सोना चाहिए

डाॅ. संजय बताते हैं कि दिन में कितने घंटे सोना चाहिए यह आपकी उम्र पर निर्भर करता है। वयस्कों (18-64 वर्ष) को रात में 7-9 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है, जबकि बच्चों और किशोरों को ज़्यादा, और वरिष्ठ नागरिकों को थोड़ी कम नींद चाहिए होती है।

उन्होंने बकाया कि यदि बेड पर आने के 35 मिनट के बाद भी नींद नहीं आती है, तो इसे अनिद्रा माना जाता है। क्लीनिकल आधार पर पाया गया है कि धनबाद में 17 से 35 वर्ष के बीच के लोग लगभग 72 प्रतिशत रतजग्गा करते हैं।

इसमें फिल्में देखना, गेम खेलना, रिल्स देखना, चैट करना आदि है। यह लेट नाइट तक चलता है। ऐसे केस काफी आ रहे हैं।

किस उम्र के लोगों को कितनी नींद

शिशु (0-3 महीने): 13-17 घंटे
बच्चे (1-2 साल): 10-14 घंटे
प्री-स्कूल (3-5 वर्ष): 9-13 घंटे
स्कूल जाने वाले बच्चे (6-13 वर्ष): 9-12 घंटे
किशोर (14-17 वर्ष): 8-11 घंटे
वयस्क (18-64 वर्ष): 7-9 घंटे
वरिष्ठ नागरिक (65 वर्ष ): 7-8 घंटे

इन बातों को जानें

  • नींद शारीरिक मजबूती और ऊर्जा प्रदान करता है।
  • यह मस्तिष्क को स्वस्थ बनाता है, याददाश्त मजबूत होती है।
  • नींद रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है।
  • नींद भावनात्मक और मानसिक स्थिरता प्रदान करती है। मेटोबालिज्म को नियंत्रित रखता है। जो अनिद्रा, बीपी, सुगर, थाइराइड, ह्दय रोग आदि का बड़ा कारण होता है।

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