धनबाद के कतरास में धरती फटी, 30 फीट गहरे गोफ में समाई भैंस; ग्रामीणों में दहशत
Katras Land Subsidence:धनबाद के कतरास में सोमवार को जोरदार आवाज के साथ धरती धंस गई और एक बड़ा गोफ बन गया, जिसमें एक भैंस गिर गई।

गोफ में समाई भैंस। (फोटो जागरण)
HighLights
कतरास में जोरदार आवाज के साथ धरती धंसकर गोफ बना।
करीब 30 फीट गहरे गोफ में विराट राय की भैंस गिरी।
बीसीसीएल टीम पोकलेन-जेसीबी से भैंस निकालने में जुटी।
संवाद सहयोगी, कतरास (धनबाद)। BCCL Land Subsidence कोयले के खनन से खोखली हो चुकी धनबाद की धरती आए दिन धंस रही है। इससे आम और खास हर कोई परेशान है। रविवार को झरिया के लोदना में तेज आवाज के साथ धरती धंसने और गोफ बनने की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि सोमवार को कतरास में फिर एक हादसा हो गया।

कतरास इलाके में बीसीसीएल क्षेत्र की चैतुडीह कोलियरी के बंद छह नंबर पीट के सामने सोमवार सुबह अचानक जोरदार आवाज के साथ धरती फटी। एक बड़ा गोफ बन गया। करीब 10 फीट परिधि और 30 फीट गहरे गोफ में एक भैंस जा गिरी। भैंस लकड़का मोड़ पांच नंबर निवासी विराट राय की बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। वार्ड संख्या पांच की पार्षद निरूपमा देवी भी मौके पर पहुंचीं और दूरभाष के माध्यम से कतरास क्षेत्र के जीएम बीके झा तथा चैतुडीह कोलियरी के पीओ गोपाल जी को घटना की जानकारी दी।
इसके बाद कोलियरी के प्रबंधक प्रेम कुमार शर्मा, सहायक खान प्रबंधक एसके तिवारी, सीनियर ओवरमैन गयाराम लायक और महावीर कुमार दास रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम पोकलेन और जेसीबी मशीन की मदद से गोफ में गिरी भैंस को निकालने की कवायद में जुटी हुई है।
गोफ के बगल में रह रहे इंद्रमल कुंभकार, सुनील कुंभकार व रवि कुंभकार ने बताया कि रात 11 बजे हल्का धरती हिलने जैसे एहसास हुआ। सुबह गृहिणी पूजा कुमारी ने घर के पीछे देवस्थलों के पास गोफ होने की बात कहकर चिल्लाने लगी। घर के अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि गोफ में भैंस गिरी पड़ी है।
आनन फानन में घर के सामानों को खाली करा दिया गया है। बारिश के मौसम में हमलोग कहां जायेंगे पता नहीं। इधर पार्षद निरुपमा देवी ने बताया कि जिस जगह पर घटना घटी है वह रैयती जमीन है। काफी दिनों से विस्थापन को लेकर मामला चल रहा है जो लंबित पड़ा है। बीसीसीएल प्रबंधन को चाहिए कि प्रभावित परिवार को इस दिशा ठोस पहल करते हुए पुनर्वास व मुआवजा सुनिश्चित करें।
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अगर प्रबंधन द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो फिर ग्रामीणों के आंदोलन पर उतरेंगे। वहीं रैक्षत दक्षिणेश्वर कुंभकार, रोबिन पाल ने भी प्रबंधन से घटनास्थल के आस पास रह रहे लोगों को शीघ्र पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।
