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    धनबाद के छाताबाद में जमीन फटी, आधा दर्जन घर ध्वस्त; तालाब का पानी भी समाया पाताल में

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 09:19 AM (GMT+05:30)

    धनबाद के कतरास स्थित छाताबाद में भू-धंसान से आधा दर्जन से अधिक घर जमींदोज हो गए और एक तालाब का पानी भी जमीन में समा गया। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. धनबाद के छाताबाद में भू-धंसान से आधा दर्जन घर ध्वस्त।

    2. घटना में कोई हताहत नहीं, बड़ा तालाब का पानी समाया।

    3. ग्रामीणों ने अवैध खनन का आरोप लगाया, पुनर्वास की मांग।

    संवाद, सहयोगी, कतरास(धनबाद)। धनबाद के कतरास के छाताबाद चार नंबर में मंगलवार सुबह हुए अचानक जोरदार आवाज के साथ हुई भू-धंसान से आधा दर्जन से अधिक घर जमींदोज हो गए, जबकि एक दर्जन से अधिक घरों में दरारें पड़ने से इलाके में दहशत फैल गई। घटना भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के गोविंदपुर क्षेत्र की न्यू आकाशकिनारी कोलियरी के परियोजना के समीप हुई।

    सुबह करीब आठ बजे तेज धमाके जैसी आवाज के साथ जमीन धंसने लगी और देखते ही देखते कई घर धराशायी हो गए। लोग जान बचाकर घरों से बाहर भागे। किसी ने बच्चों को सीने से लगाकर तो किसी ने बुजुर्गों को कंधे पर उठाकर सुरक्षित स्थान की ओर पहुंचाया। बगल के एक बड़ा तालाब का पानी भी जमीन में समा गया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

    घटना के बाद प्रभावित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आस पड़ोस के हजारों लोग भी भय और दहशत में आ गए। आक्रोशित ग्रामीणों सहित भू-धंसान प्रभावित परिवारों ने कतरास-भटमुरना मुख्य सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध कोयला खनन के कारण यह हादसा हुआ है। उन्होंने सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास, उचित मुआवजा, राहत कार्य शुरू कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

    सूचना मिलते ही वार्ड दो के पार्षद मो. शहाबुद्दीन, गोविंदपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यकाम आनंद, कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सहित बरोरा, बाघमारा, रामकनाली, तेतुलमारी, सोनारडीह, महुदा और अंगारपथरा थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।

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    इधर, गोविंदपुर क्षेत्रीय प्रबंधन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया तथा गोफ की भराई के लिए हाइवा से ओबी मंगाई, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका। जिसके बाद अंचलाधिकारी गिरिजानंद किस्कू ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने और युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सुबह से जारी सड़क जाम समाप्त हुआ।

    प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है और लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी है। भू-धंसान का दायरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन ने आधा दर्जन ध्वस्त घरों के अलावा दो दर्जन से अधिक अन्य घरों के लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करना शुरू कर दिया है।

    घटना के संबंध में लोगों ने बताया कि सुबह सुबह करीब आठ बजे लोग अपने अपने काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे, कोई निकल गये थे। इस बीच जोरदार आवाज आई और घरे हिलने लगी। देखते ही देखते दीवारों में दरारें पड़ने लगी। इसे देखते ही लोग दहशत में आ गए। लोग घरों से निकलकर इधर उधर भागने लगे। घरों के दिवारें गिरने लगी। लोगों को कुछ समझ में आता उससे पहले आधा दर्जन से अधिक घर धराशाही हो गया।

    लोगों के चीख पुकार से इलाका दहल उठा। इधर कई थाना की पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र को लाल फीता से घेराबंदी कर दी है। लोगों को असुरक्षित स्थल पर आने जाने से रोका जा रहा है।बीसीसीएल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन ने भू धंसान की दायरा बढ़ाने की आशंका को देखते हुए आधा दर्जन से अधिक धराशाही घरों के सहित करीब दो दर्जन घरों के लोगों को विस्थापित करने का काम शुरू किया है। इधर बीसीसीएल की रेस्क्यू टीम ने कुछ घरों से सामानों को निकाला जबकि अन्य घरों से महत्वपूर्ण कागजात व सामान 24 घंटे के निकालने का भरोसा दिलाया।

    कई परिवार हुए बेघर, एहतियातन अन्य मकान भी कराए जा रहे खाली

    न्यू आकाशकिनारी कोलियरी परियोजना के समीप छाताबाद चार नंबर में मंगलवार को हुई भू-धंसान की घटना से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। अचानक जमीन धंसने से आधा दर्जन से अधिक घर धराशायी हो गए, जबकि आसपास के कई मकानों में भी दरारें पड़ गईं। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

    घटना में प्रभावित परिवारों में जुबेर अंसारी, जियाउल अंसारी, राजू अंसारी, डब्ल्यू अंसारी, इस्राफील अंसारी, जैनुल अंसारी तथा जावेद अंसारी शामिल हैं। इन परिवारों के घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। वहीं, भू-धंसान का दायरा और बढ़ने की आशंका को देखते हुए बीसीसीएल प्रबंधन एहतियात के तौर पर आसपास के अन्य परिवारों को भी सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने को लेकर सूची तैयार किया है।

    इनमें अफरोज आलम, नसीम कौसर उर्फ राजू, आबिद अंसारी, जमील अंसारी, शहबाज, अलाउद्दीन, सहजाद, कमरुद्दीन, मंसूर अली तथा इश्तेखार खान शामिल हैं। प्रभावित लोगों ने शीघ्र पुनर्वास, मुआवजा एवं सुरक्षित आवास की व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं, बीसीसीएल प्रबंधन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है।

    प्रभावित परिवार के लोगों को शीघ्र ही पुनर्वास तथा अन्य सुविधा दिलाया जाएगा। ग्रामीणों का प्रतिनिधि मंडल की बीसीसीएल प्रबंधन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता में सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। फिलहाल लोग सुरक्षित स्थान पर रहे।- गिरजानंद किस्कू,सीओ, बाघमारा

    छाताबाद में घटित घटना किस परिस्थितियों में हुई है इसकी विभागीय जांच कराई जाएगी। फिलहाल रेस्क्यू टीम व
    ओबी भराई कार्य शुरू कराने के लिए भेजा गया है। पुनर्वास सहित अन्य सुविधाओं को लेकर जरेडा के साथ बात की जा रही है।- सत्यकाम आनंद,जीएम, गोविंदपुर क्षेत्र