नेशनल लोक अदालत:धनबाद में 170 करोड़ की रिकवरी, 3.73 लाख विवाद निपटे; सीआरपीएफ जवान की पत्नी को मिला 1.14 करोड़ का मुआवजा
National Lok Adalatधनबाद में नेशनल लोक अदालत ने 1 अरब 70 करोड़ से अधिक की रिकवरी की और 3.73 लाख विवादों का निपटारा किया। डालसा ने सड़क दुर्घटना में शह ...और पढ़ें

धनबाद में नेशल लोक अदालत में उपस्थित न्यायिक पदाधिकारी।
जागरण संवाददाता, धनबाद। नालसा के निर्देश पर वर्ष 2026 के दूसरे नेशनल लोक अदालत के दाैरान धनबाद में एक अरब 70 करोड़ 98 लाख 15 हजार 838 रुपये की रिकवरी कर कुल 3 लाख 73 हजार 234 विवादों का निपटारा कर दिया गया। वहीं, सड़क दुर्घटना में पति को खोने वाली प्रिया को एक करोड़ 14 लाख रुपये का चेक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह चेयरमैन डालसा, निकेश कुमार सिन्हा ने साैंपा।
दुर्घटना में पति को खोने वाली सिविल कोर्टकर्मी के पत्नी को भी न्यायाधीश ने एक करोड रुपए का चेक दिया। इसके पूर्व नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन शनिवार को रांची से ऑनलाइन न्यायमूर्ती सुजित नारायण प्रसाद ने किया।धनबाद में आयोजित कार्यक्रम में न्यायाधीश श्सिन्हा ने कहा कि नेशनल लोक अदालत संविधान के परिकल्पना को पूरी करने के दिशा में एक कदम है ,हर तीन माह मे यह आयोजन किया जा रहा है।
अवर न्यायाधीश सह सचिव डाालसा, मयंक, तुषार टोपनो ने कहा कि लोक अदालत में महीनों कोर्ट का चक्कर लगाने और पैसे की बर्बादी से बचा जा सकता है
3 लाख 73 हजार 234 विवादों का हुआ निपटारा
अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार मयंक तुषार टोपनो ने बताया कि विवादों एवं मुकदमो के निपटारे के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश पर 12 बेंच का गठन किया गया था है जिनके द्वारा 3 लाख 73 हजार 234 विभिन्न तरह के विवादों का निपटारा कर दिया गया। वहीं, एक अरब 70 करोड़ 98 लाख 15 हजार 838 रूपए की रिकवरी भी की गई।
मौजूद न्यायाधीश
न्यायिक पदाधिकारियों में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सुभाष, अपर न्यायाधीश कुटुंब, न्यायालय एम मोइज
जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी, विजय कुमार श्रीवास्तव, पारस कुमार सिन्हा, प्रफुल्ल कुमार , कुमार साकेत, मनीष, के के शुक्ला श्री बिकेश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बी के लाल ,अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पार्थ सारथी घोष, अवर न्यायाधीश , रोशनी समा कुलु, पीएन उपाध्याय, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ऋषि कुमार, विवेक राज, मनोज कुमार, आइ जेड खान, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अभिजीत पांडेय, रेलवे के न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार , बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी, लोक अभियोजक अवधेश कुमार, अपर लोक अभियोजक सतेंद्र राय ,स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन पीयूष कुमार, सर्टिफिकेट ऑफिसर रविंद्रनाथ ठाकुर उपभोक्ता फोरम की सदस्य शिप्रा समेत एलएडीसएस के चीफ कुमार विमलेंदु, डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, सहायक सहायक नीरज गोयल, कन्हैयालाल ठाकुर ,शैलेंद्र झा, सुमन पाठक, मुस्कान चोपड़ा,स्वाति कुमारी विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, डालसा सहायक सौरभ सरकार, अरुण कुमार, संजय सिन्हा , विधि स्वयं सेवक नवीन कुमार ,हेमराज चौहान, डिपेंटी गुप्ता, गीता कुमारी ,राजेश सिंह,सोमित मंडल समेत समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।
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सीआरपीएफ के जवान की पत्नी को मिला न्याय
जब देश की रक्षा में तैनात जवान की असमय मौत से पूरा परिवार टूट जाता है, तब न्याय और सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती है। ऐसे ही दर्दनाक क्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने एक शहीद परिवार का हाथ थामकर न केवल उन्हें न्याय दिलाया, बल्कि उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण भी जगा दी।
सीआरपीएफ 133 बीएन बटालियन के 25 वर्षीय जवान अरुण कुमार की पत्नी प्रिया कुमारी उस समय आठ माह की गर्भवती थीं। परिवार खुशियों की प्रतीक्षा कर रहा था, लेकिन 13 मई 2022 को एक तेज रफ्तार मारुति डिजायर कार ने अरुण कुमार को कुचल दिया।
हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। देश की सेवा करने वाला जवान हमेशा के लिए खामोश हो गया और पीछे रह गया एक बेसहारा परिवार। घटना की जानकारी मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पारा लीगल वोलंटियर तुरंत शहीद के घर पहुंचे।
परिवार की पीड़ा को समझते हुए वीर परिवार योजना के तहत इंश्योरेंस कंपनी और सरकार से उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई। डालसा के सचिव के मार्गदर्शन में मोटरयान दुर्घटना दावा अधिनियम के तहत ट्रिब्यूनल में मुकदमा दायर किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डालसा के चेयरमैन सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने त्वरित सुनवाई के लिए इसे प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष रंजन की अदालत में भेजा। अदालत के आदेश पर इंश्योरेंस कंपनी ने शहीद के परिवार को एक करोड़ 14 लाख 96 हजार रुपये का मुआवजा प्रदान किया। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की ऑनलाइन उपस्थिति में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने पीड़ित परिवार को मुआवजे का चेक सौंपा।