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    मटकुरिया गोलीकांड में 15 साल बाद आया फैसला, पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक समेत 28 को तीन वर्ष की कैद

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 06:03 PM (IST)

    Matkuria Firing Case: धनबाद के चर्चित मटकुरिया गोलीकांड में 15 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है, जिसमें पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक समेत 28 लोगों को ती ...और पढ़ें

    धनबाद न्यायालय और पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक। (फाइल फोटो)

    धनबाद न्यायालय और पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. मटकुरिया गोलीकांड में 15 साल बाद आया अदालत का फैसला।

    2. पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक समेत 28 को तीन साल की सजा।

    3. दोषियों को अपील के लिए 30 दिन की औपबंधिक जमानत मिली।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। Matkuria Firing Case: धनबाद के चर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में 15 वर्ष तक चली लंबी सुनवाई के बाद आखिरकार शुक्रवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। धनबाद एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले के पूर्व मंत्री मन्नान मलिल्क समेत सभी 30 नामजद आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि, अदालत ने सभी दोषियों को अपील दायर करने के लिए 30 दिनों की औपबंधिक जमानत पर रिहा करने का आदेश भी दिया।

    इन्हें मिली सजा

    कांग्रेस के पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक, उनके पुत्र हुबान मल्लिक, शब्बीर आलम ,धर्मवीर कुमार शर्मा, राजकुमार पासी, वीरेंदर कुमार सिंह ,कुमार अभिषेक, मोहम्मद अज़ीम ,अजय कुमार सिंह शगुन चौहान ,बलदेव पांडेय, दिल चंद चौहान ,मोहम्मद कलाम, भगवान साव, शक्ति कुमार, बाबर अली खान, ब्रजेश कुमार ,वीरेंदर पासवान ,अरविंद कुमार सिंह, ,रंजीत कुमार, जीवन चंद्र घोष, मोहम्मद हलीम अंसारी, मदन महतो, नवनीत नीरज, हरिंदर शाही, दीपक कुमार पासवान इज़हार अहमद, बद्री रविदास।

    दो नहीं हुए हाजिर

    सुनवाई के दौरान विनोद सिंह उर्फ पप्पू सिंह एवं अजय कुमार राउत हाजिर नहीं हुए, लिहाजा अदालत ने दोनों का बंध पत्र रद कर दिया और गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया।

    15 वर्षों तक चली लंबी कानूनी सुनवाई के बाद अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए आज की तारीख फैसले के लिए निर्धारित की थी।धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने मामले के सभी आरोपियों को सशरीर अदालत में उपस्थित रहने का आदेश दिया था। लिहाजा दो को छोड़कर सभी आरोपी सदेह अदालत में हाजिर थे। पूर्व विधायक मन्नान मल्लिक व उनके पुत्र हुबान मलिक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित हुए उनके अधिवक्ता द्वारा अदालत को बताया गया कि वो इलाजरत हैं।

    घटना में एसपी धान हुए थे जख्मी

    27 अप्रैल 11 को मटकुरिया में बीसीसीएल के आवासों को अतिक्रमण से मुक्त कराने गये पुलिस बल के साथ आंदोलनकारियों की हिंसक झड़प हुई थी। घटना में तत्कालीन एसपी आर.के धान जख्मी हो गए थे। वहीं विकास सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। तत्कालीन एसडीओ जॉर्ज कुमार के लिखित प्रतिवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

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    अनुसंधान के बाद पुलिस ने 38 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री बच्चा सिंह ,ओपी लाल, पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उदय सिंह, अशोक यादव की मौत हो गई, जबकि दिलीप कुमार को भगोड़ा घोषित कर दिया गया। जिस कारण उनका मुकदमा बंद कर दिया गया।

    2 मार्च 22 को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी। सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र राय ने इस मामले में कुल 38 गवाहों का परीक्षण कराया था। फिलवक्त इस मामले में शब्बीर आलम ,धर्मवीर कुमार शर्मा, राजकुमार पासी, मन्नान मल्लिक, हुबान मल्लिक, वीरिंदर कुमार सिंह ,कुमार अभिषेक, मोहम्मद अज़ीम ,अजय कुमार सिंह शगुन चौहान ,बलदेव पांडेय, दिल चंद चौहान ,मोहम्मद कलाम, भगवान साव, शक्ति कुमार, बाबर अली खान, ब्रजेश कुमार ,वीरेंदर पासवान ,अरविंद कुमार सिंह, बिनोद सिंह ,रंजीत कुमार, जीवन चंद्र घोष, मोहम्मद हलीम अंसारी, मदन महतो, नवनीत नीरज, हरिंदर शाही, दीपक कुमार पासवान इज़हार अहमद, बद्री रविदास, अजय कुमार राउत कुल उनतीस के विरुद्ध सुनवाई चल रही थी।