धनबाद नगर निगम चुनाव खत्म, रंग शुरू: विधायक ने बदली सियासी चाल, बीपी जांच कराने से सांसद को परहेज
Jharkhand Nikay Chunav 2026: धनबाद नगर निगम मेयर चुनाव में भाजपा के बागी संजीव सिंह की जीत ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। चुनाव प्रचार के दौरान सांसद ढु ...और पढ़ें
HighLights
भाजपा के बागी संजीव सिंह धनबाद के मेयर बने।
विधायक राज सिन्हा ने नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह को बधाई दी।
सांसद ढुलू महतो ने सार्वजनिक रूप से बीपी जांच से परहेज किया।
डिजिटल डेस्क, धनबाद। झारखंड नगर निकाय चुनाव-2026 की घोषणा के बाद धनबाद भाजपा की राजनीति में जो उबाल उठा था, उसके तरह-तरह के रंग अब देखने को मिल रहे हैं। रंगों के त्योहार होली पर भाजपा के रंग को लेकर धनबाद की जनता भी खूब चटखारे ले रही है।
धनबाद नगर निगम के मेयर का चुनाव संपन्न हो चुका है। भाजपा के बागी उम्मीदवार संजीव सिंह (Dhanbad Mayor Sanjeev Singh) ने जीत दर्ज की है। इसके बाद राजनीति ने अपने अलग-अलग रंग बिखेरने शुरू कर दिए हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान धनबाद से भाजपा सांसद ढुलू महतो (MP Dhulu Mahato) और झरिया की भाजपा विधायक Ragini Singh के पति एवं पूर्व विधायक Sanjeev Singh के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए थे। सांसद ने संजीव सिंह को माफिया कहा था। इसके जवाब में संजीव सिंह ने इशारों-इशारों में कहा था कि ढुलू महतो का बीपी बढ़ा हुआ है।
इसके प्रत्युत्तर में ढुलू महतो ने कहा था कि आठ साल से पागलपन की दवा कौन खा रहा है, यह जनता जानती है, और मेरी बीपी बढ़ने की बात कही जा रही है।
झारखंड भाजपा ने संजीव सिंह के चुनाव लड़ने को अनुशासनहीनता माना था और कारण बताओ नोटिस जारी किया था। यहां पर भाजपा ने संजीव अग्रवाल को समर्थन दिया था। चुनाव परिणाम के बाद भाजपाई संजीव सिंह को बधाई देने लगे हैं।
27 फरवरी को मतगणना के बाद मेयर चुनाव का परिणाम आया और संजीव सिंह ने जीत दर्ज की। इसके बाद राजनीतिक रंगों का अनोखा मेल देखने को मिला, जिसकी खूब चर्चा हो रही है।
धनबाद से भाजपा विधायक Raj Sinha शनिवार को संजीव सिंह के घर पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर मेयर बनने की बधाई दी। जो कल तक संजीव सिंह के खिलाफ प्रचार कर रहे थे, वे ही तुरंत फूलों का गुलदस्ता लेकर बधाई देने पहुंच गए।
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वहीं दूसरी ओर सांसद ढुलू महतो शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के उद्घाटन के बाद महतो बीपी जांच कराने के लिए कुर्सी पर बैठे, लेकिन तुरंत हंसते हुए उठ गए और बीपी जांच कराने से इनकार कर दिया। न दोनों घटनाओं की धनबाद की राजनीति में जमकर चर्चा हो रही है।