धनबाद से दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए चलें ट्रेनें, रेलमंत्री को सांसद महतो ने सौंपी डिमांड लिस्ट
सांसद ढुलू महतो ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलकर धनबाद से दिल्ली और चंडीगढ़ की ट्रेनों को नियमित करने की मांग की। उन्होंने नई ट्रेनों, क्लोन ट्रेन ...और पढ़ें

रेल मंत्री से मिले सांसद ढुलू महतो। फोटो सोशल मीडिया
HighLights
धनबाद-दिल्ली, चंडीगढ़ ट्रेनों को नियमित करने की मांग।
धनबाद-अलेप्पी के लिए क्लोन ट्रेन चलाने का आग्रह।
गोमो में अवैध खनन से ट्रैक सुरक्षा पर चिंता जताई।
जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद से छिनी दिल्ली और चंडीगढ़ की ट्रेन को पुनर्बहाल करने की मांग रेलमंत्री तक पहुंच गई है। मंगलवार को सांसद ढुलू महतो इस मामले में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले। उन्हाेंने धनबाद-दिल्ली एवं चंडीगढ़ स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने तथा भविष्य में जम्मू तक विस्तार करने का आग्रह किया।
बताया कि दोनों ट्रेनों को यात्रियों का अच्छा रिस्पांस मिला। ऐसे में बंद करने से हजारों यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी। धनबाद-अलेप्पी एक्सप्रेस की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए क्लोन ट्रेन चलाने का आग्रह किया। कहा कि क्लोन ट्रेन को लेकर धनबाद रेल मंडल की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
क्लोन ट्रेन चलने से वेल्लोर उपचार के लिए जाने वाले मरीजों एवं अन्य यात्रियों को राहत मिलेगी। धनबाद से सहरसा और न्यू जलपाईगुड़ी के लिए नई साप्ताहिक ट्रेन प्रारंभ करने की मांग की।
बताया कि सहरसा के लिए सीधी ट्रेन आवश्यक है, क्योंकि इस क्षेत्र से एक भी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। संबंधित प्रस्ताव भेजा जा चुका है। शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए नौ प्रमुख रेलवे फाटकों पर रोड ओवरब्रिज या रोड अंडरब्रिज के निर्माण की मांग को भी दोहराया।
इन ट्रेनों में आपात कोटा बढ़ाने का आग्रह
हावड़ा- मुंबई मेल, मालदा टाउन–सूरत एक्सप्रेस, जसीडीह–वास्को-द-गामा एक्सप्रेस, कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाना एक्सप्रेस, रांची-भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस, रांची–गोड्डा एक्सप्रेस, आसनसोल-भावनगर पारसनाथ एक्सप्रेस तथा सियालदह–बीकानेर दुरंतो एक्सप्रेस में आपात कोटा बढ़ाने या नए सिरे से कोटा निर्धारित करने की मांग की।
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गोमो के पास अवैध उत्खनन से ट्रैक पर बढ़ा खतरा
गोमो के समीप मुख्य रेलवे ट्रैक के निकट हो रहे अवैध कोयला खनन का मामला भी रेल मंत्री के संज्ञान में लाया। बताया कि ट्रैक से अत्यंत कम दूरी पर अवैध उत्खनन से रेल सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई तथा रेलवे की तकनीकी सुरक्षा जांच तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।