पश्चिम बंगाल की लॉटरी के जाली टिकट छापने का चिरकुंडा में चल रहा था खेल, पुलिस ने गिरोह का किया पर्दाफाश
धनबाद पुलिस ने चिरकुंडा में बीसीसीएल के एक परित्यक्त आवास में अवैध लॉटरी टिकट छापने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ...और पढ़ें

बीसीसीएल के परित्यक्त आवास में छापामारी करती चिरकुंडा थाना की पुलिस।(फोटो जागरण)
HighLights
धनबाद पुलिस ने अवैध लॉटरी टिकट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया।
बीसीसीएल के परित्यक्त आवास से एक गिरफ्तार, भारी मात्रा में उपकरण जब्त।
छापेमारी में एक ट्रैक्टर अवैध लॉटरी टिकट बरामद, पश्चिम बंगाल होती थी आपूर्ति।
संवाद सूत्र, पंचेत (धनबाद)। झारखंड के धनबाद जिले के चिरकुंडा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार को बाबूडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल के एक परित्यक्त आवास में छापेमारी कर अवैध लॉटरी टिकट छापने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य फरार हो गए। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में उपकरण और करीब एक ट्रैक्टर छपे हुए अवैध लॉटरी टिकट जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, जिस भवन में यह धंधा चल रहा था, उसके बाहर 'ओम ट्रेडिंग मार्ट' का बोर्ड लगा था, ताकि किसी को संदेह न हो। अंदर आधुनिक मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर अवैध लाटरी टिकट तैयार किए जा रहे थे।
छापेमारी में दो जेराक्स मशीन, दो टिकट कटिंग मशीन, 10 प्रिंटर, विशेष प्रिंटिंग पेपर, लाटरी रखने वाली ट्रे सहित अन्य सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा आधार कार्ड और पैन कार्ड भी मिले हैं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां 'डियर यमुना', 'विनिंग' और 'ड्रा राफेल' नाम से अवैध लाटरी टिकट छापकर पश्चिम बंगाल में सप्लाई की जाती थी। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क का संचालन लंबे समय से संगठित तरीके से किया जा रहा था।
निरसा एसडीपीओ लीलेश्वर महतो के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में चिरकुंडा थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह, पंचेत ओपी प्रभारी सुजीत कुमार सिंह, अवर निरीक्षक अर्जुन सिंह, पवन कुमार राणा तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में भानु प्रताप सिंह का नाम सामने आया है।
पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। उन्होंने यह भी कहा कि बीसीसीएल के परित्यक्त आवास में इतने बड़े स्तर पर अवैध कारोबार चलने के बावजूद रोकथाम नहीं होना गंभीर मामला है। इस संबंध में बीसीसीएल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।