प्रिंस खान गिरोह की बड़ी साजिश नाकाम, हत्या की योजना बना रहे दो शूटर हथियार और जिंदा बम के साथ गिरफ्तार
धनबाद पुलिस ने कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को हथियार और जिंदा बम के साथ गिरफ्तार कर हत्या की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। ...और पढ़ें

गिरफ्तार अपराधियों के साथ धनबाद पुलिस। (फोटो जागरण)
HighLights
प्रिंस खान गिरोह के दो सदस्य धनबाद में गिरफ्तार।
हथियार और जिंदा बम के साथ हत्या की साजिश।
पुलिस ने जमीन कारोबारी, होटल व्यवसायी की जान बचाई।
जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद पुलिस ने कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके दो सक्रिय सदस्यों को हथियार और जिंदा बम के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों स्थानीय जमीन कारोबारी और एक होटल व्यवसायी की हत्या की साजिश रच रहे थे।
गुप्त सूचना के आधार पर बी पालिटेक्निक के पास जंगल में की गई छापेमारी में दोनों को दबोच लिया गया। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो शहर में बड़ी आपराधिक वारदात हो सकती थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह से जुड़े गुलाम गौस उर्फ छोटू कुरैशी और शोएब कुरैशी बीआइटी पालिटेक्निक के समीप जंगल में हथियारों के साथ एकत्र हुए हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दोनों आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान गुलाम गौस उर्फ छोटू कुरैशी के पास से दो जिंदा बम, एक अवैध पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
वहीं शोएब कुरैशी के पास से एक अवैध पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस मिले। पुलिस ने सभी हथियार और विस्फोटक जब्त कर लिए हैं। पूछताछ में दोनों आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे प्रिंस खान गिरोह के लिए काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे एक स्थानीय जमीन कारोबारी और एक होटल व्यवसायी की हत्या करने की योजना बनाकर जंगल में जुटे थे।
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पूछताछ में गुलाम गौस ने यह भी खुलासा किया कि वह व्हाट्सएप के माध्यम से विदेश में बैठे गिरोह के सरगना प्रिंस खान और उसके सहयोगी गोपी खान के लगातार संपर्क में था तथा उनके निर्देश पर काम कर रहा था। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से शहर में एक बड़ी आपराधिक घटना टल गई है।
बरामद मोबाइल फोन की जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके संपर्कों और हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके। इस मामले में भूली ओपी में प्राथमिकी दर्ज कर दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।