नौतपा के बीच धनबाद में मौसम का यू-टर्न, झमाझम बारिश और ठंडी हवाओं से मिला शिमला-सा सुकून
Dhanbad Weather U-Turn धनबाद में नौतपा के बीच अचानक हुई बारिश से भीषण गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। ...और पढ़ें

झमाझम बारिश के दाैरान धनबाद के आठ लेन पर जलजमाव का नजारा।(फोटोः जागरण)
HighLights
धनबाद में नौतपा के बीच अचानक हुई बारिश।
भीषण गर्मी से राहत, मौसम शिमला जैसा हुआ।
बेमौसम बारिश से मानसून, खेती पर चिंता।
जागरण संवाददाता, कतरास (धनबाद)। नौतपा की भीषण गर्मी से जूझ रहे धनबादवासियों को शुक्रवार की सुबह बड़ी राहत मिली। सुबह होते ही मौसम ने अचानक करवट ली और ठंडी हवाओं के साथ रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इसके बाद लोगों को शिमला-मनाली जैसे माैसम का एहसास हुआ।
सुबह-सुबह चली शीतल हवाओं और हल्की बारिश ने पूरे वातावरण को तरोताजा कर दिया। लोग घरों से निकलकर सुहाने मौसम का आनंद लेते नजर आए। बच्चों और युवाओं में बारिश को लेकर खास उत्साह देखा गया।
सुबह करीब दस बजे शहर में झमाझम बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। आठ लेन रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम का मिजाज ऐसा हो गया मानो पहाड़ी क्षेत्रों की ठंडक शहर में उतर आई हो। मंद हवाओं और फुहारों ने लोगों को शिमला और मनाली जैसी वादियों का एहसास कराया।
भीषण गर्मी से मिली राहत
कतरास कोयलांचल के लोगों को शुक्रवार को अचानक राहत मिली। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और करीब दस बजे तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई और लोगों को चिलचिलाती धूप से राहत मिली।
हालांकि तेज बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कों और निचले इलाकों में जलजमाव हो गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर पानी भरने से आवागमन धीमा हो गया।
मौसम विभाग ने पहले ही झारखंड के कई जिलों में तेज हवा और बारिश की संभावना जताई थी, जो कतरास में सटीक साबित हुई। लोगों ने सुहाने मौसम का आनंद तो लिया, लेकिन इस बेमौसम बारिश ने भविष्य में मानसून और खेती को लेकर नई चिंता भी खड़ी कर दी है।
नौतपा के बीच बारिश से बढ़ी मानसून को लेकर चिंता
नौतपा के दौरान हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन इसके साथ ही बेहतर मानसून को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है। हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार 25 मई से शुरू हुआ नौतपा 2 जून तक चलेगा। इस दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहते हैं और उनकी सीधी किरणों के कारण वर्ष की सबसे अधिक गर्मी पड़ती है।
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लोक मान्यताओं और मौसम विज्ञान के अनुसार नौतपा के दौरान धरती का अधिक तपना अच्छे मानसून का संकेत माना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि तेज गर्मी से मैदानी क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनता है, जो समुद्र से मानसूनी हवाओं को आकर्षित करने में मदद करता है।
ऐसे में नौतपा के बीच बारिश होने और तापमान कम होने को पारंपरिक भाषा में ‘नौतपा का गलना’ कहा जाता है। जानकारों का मानना है कि इससे मानसून का प्राकृतिक चक्र प्रभावित हो सकता है और भविष्य में कम वर्षा या सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ सकती है। इसका असर खेती-किसानी और जलस्तर पर पड़ सकता है।
अचानक हुई बारिश और तेज हवा से आम के बागानों तथा खेतों में बची हुई फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है।