ट्रेनों में नया फायर सेफ्टी सिस्टम: आग लगने से पहले करेगा अलर्ट, तापमान बढ़ते ही खुद से करेगा बुझाने का काम
धनबाद से चलने वाली ट्रेनों के LHB कोचों में बिजली उपकरणों से आग के खतरे को कम करने के लिए एयरोसेल आधारित अग्निशामक प्रणाली लगाई गई है। ...और पढ़ें

ट्रेनों में आग लगने से पहले करेगा अलर्ट। ग्राफिक्स एआई जनरेटेड

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
तापस बनर्जी, धनबाद। बिजली उपकरणों से ट्रेन में लगने वाली आग के खतरे को कम करने के लिए रेलवे ने धनबाद से खुलने वाली ट्रेनों के सभी LHB के पॉवर पैनल में एयरोसेल आधारित अग्निशामक प्रणाली (Fire Extinguishing System) लगाई है।
इससे न केवल शार्ट सर्किट या बिजली उपकरणों से आग का खतरा कम होगा, बल्कि तापमान बढ़ने या आग लगने पर उसे तत्काल बुझाया जा सकेगा। इसके साथ ही मैन्युअली पॉवर कार और पैंट्री कार के फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम को अब ऑटोमेटिक कर दिया गया है।
आग लगने या तापमान बढ़ने पर अपने आप सक्रिय होगा सेंसर
एलएचबी कोच के पावर पैनल में एयरोसेल आधारित अग्निशामक प्रणाली विद्युत पैनल में शार्ट सर्किट या अन्य कारण से लगने वाली आग को रोकने में सहायक है।
यह एक आधुनिक सुरक्षा तकनीक है, जो आग का पता चलते ही स्वचालित रूप से सक्रिय हो जाती है। आग लगने या तापमान बढ़ने पर इसका सेंसर अपने आप सक्रिय हो जाता है और एयरोसेल फोम का छिड़काव शुरू हो जाता है।
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रासायनिक एयरोसेल (फोम) झाग आग को फैलने से रोकता है और स्रोत को ठंडक प्रदान करता है। पारंपरिक उपकरणों की तुलना में यह सक्रिय होने के बाद बहुत कम अवशेष छोड़ता है, जिससे संवेदनशील विद्युत उपकरणों को नुकसान नहीं पहुंचता।
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खास बातें
- मुख्य रूप से कोच के अंदर स्थित स्विच बोर्ड, विद्युत पैनल में आग के खतरे को कम करने में सहायक
- तापमान बढ़ने या आग लगते ही ऑटोमेटिक निकलता है एयरोसेल का गैर विषैला झाग
- इस प्रणाली के मेंटेनेंस की समस्या भी कम, विद्युत उपकरणों को नहीं पहुंचाते नुकसान
पहिए में आग या तापमान बढ़ते ही आगाह करेगा हाट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर
यात्री ट्रेन या मालगाड़ी के पहिए में हाट एक्सेल यानी आग लगने जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए हाट एक्सल बाक्स डिटेक्टर लगाए गए हैं।
चलती ट्रेन में पहिए का तापमान अत्यधिक बढ़ने या आग जैसी स्थिति होने पर यह उपकरण पूर्वानुमान लगा सकेगा और तुरंत आगाह कर देगा।
रेलवे कंट्रोल रूम में आन ड्यूटी कर्मचारियों को तत्काल इसकी सूचना मिल जाएगी, जिससे स्थिति पर काबू पा सकेगा। धनबाद रेल मंडल के अलग-अलग सेक्शन के सात स्थानों पर इस उपकरण को लगाया गया है।
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