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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Dhanbad में तीन दिन से प्‍यासी दो लाख की आबादी, पानी मिलने की अब तक नहीं कोई उम्‍मीद; आखिर कब तक होगा संकट का समाधान

    Updated: Thu, 25 Jan 2024 11:28 AM (IST)

    धनबाद में लोगों को पिछले तीन दिनों से पानी नहीं मिल रहा है और पानी मिलने की संभावना कब तक है इस पर भी कोई जानकारी नहीं है। तीन दिन से दो लाख की आबादी ...और पढ़ें

    धनबाद में तीन दिन से दो लाख की आबादी प्यासी।
    धनबाद में तीन दिन से दो लाख की आबादी प्यासी।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। पिछले तीन दिनों से शहर की बड़ी आबादी प्यासी है, लेकिन पेयजल विभाग अभी तक पाइपलाइन जोड़ने में ही व्यस्त है। पेयजल विभाग के काॅल सेंटर पर कोई यह बताने वाला भी नहीं है कि जलापूर्ति कब बहाल होगी। मंगलवार से दो लाख की आबादी प्यासी है। आज तीसरा दिन है। शुक्रवार को भी पानी मिलने की संभावना है या नहीं, पेयजल विभाग की ओर से इसकी जानकारी तक नहीं दी जा रही है।

    पहले से नहीं दी गई कोई विभागीय सूचना

    गुरुवार को लगातार तीसरे दिन शहरवासियों को पानी नहीं मिला। एक सप्ताह पहले तो दो दिन तक साढ़े चार लाख की आबादी को पानी नहीं मिला था। इस तरह एक सप्ताह में पांच दिन शहरवासियों को पानी नहीं मिल सका।

    नौ जलमीनारों से जलापूर्ति नहीं हो सकी। लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जलापूर्ति बाधित रहने की पहले से कोई विभागीय सूचना न होने के कारण अधिकतर लोग वैकल्पिक साधनों का भी प्रयोग नहीं कर सके।

    पाइपलाइन को किया जा रहा कनेक्‍ट

    पिछले तीन दिन से स्टेट हाइवे अथाॅरिटी ऑफ झारखंड (साज) की ओर से आठ लेन सड़क हीरक रोड में मेन राइजिंग जलापूर्ति पाइपलाइन को शहरी पाइपलाइन से कनेक्ट किया जा रहा है।

    इसकी वजह से गोल्फ ग्राउंड, पुराना बाजार, मनाईटांड़, मटकुरिया, धोवाटांड़, भूदा, बरमसिया, धनसार एवं वासेपुर जलमीनार से जलापूर्ति नहीं हो सकी। इन सभी टंकियों में प्रथम लाइन से जलापूर्ति की जाती है।

    शुक्रवार से टल सकता है संकट

    गुरुवार को शाम तक यदि जलमीनारों में पानी छोड़ दिया गया तो शुक्रवार सुबह पानी मिलने की संभावना है। यहां बता दें कि 19 जलमीनारों से शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति की जाती है।

    पेयजल विभाग ने संभावना जताई है कि गुरुवार को पानी शोधित करने और जलमीनारों में भरने का काम किया जाएगा। इसमें पांच से छह घंटे का समय लगेगा। उम्मीद है कि शुक्रवार से जलापूर्ति बहाल हो जाएगी।

    दस जलमीनारों से ही हो रही जलापूर्ति

    पेयजल विभाग 19 जलमीनारों से शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति करता है। दो लाइन से यह जलापूर्ति होती है। एक लाइन से नौ और दूसरी से दस जलमीनारों में पानी छोड़ा जाता है।

    फिलहाल एक ही लाइन चालू है जिससे पानी की आपूर्ति की। इस लाइन से गांधीनगर, स्टीलगेट, हीरापुर, मेमको मोड़, पालीटेक्निक, एसएनएमएमसीएच, भूली, चिरागोरा, हिल कालोनी और पुलिस लाइन जलमीनार से जलापूर्ति की जा रही है।

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