धनबाद में मतदाता पुनरीक्षण अभियान तेज: 99.50 प्रतिशत मतदाताओं तक पहुंचे गणना प्रपत्र, 82% का डिजिटाइजेशन पूरा
धनबाद जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 99.50% मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए गए हैं, और 82% प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। ...और पढ़ें

धनबाद एसआईआर।
HighLights
धनबाद में 99.50% मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचे।
जिले में 82% गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा।
झारखंड में 87.99% प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन संपन्न।
जागरण संवाददाता, धनबाद। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत धनबाद जिले में मतदाता गणना प्रपत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जिले में अब तक 99.50 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र (ईएफ) पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि 82 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार जिले में कुल 21,15,997 मतदाता हैं। इनके बीच कार्यरत 2,372 बीएलओ अब तक 20,62,509 मतदाताओं तक पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरित कर चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 97.47 प्रतिशत है।
सत्यापन के दौरान 4,5606 मतदाता मृत पाए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 2.16 प्रतिशत है। वहीं 43,774 मतदाता अनुपस्थित मिले, जबकि 1,16,934 मतदाता अस्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित पाए गए। इसके अलावा 853 मतदाता अन्य श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी सह उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि राज्य स्तर पर भी अभियान अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
झारखंड में कुल 29,571 बीएलओ कार्यरत हैं। सभी गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रह व डिजिटाइजेशन में तेजी से लगे हैं। मुख्य चुनाव पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार राज्य में करीब 2.64 करोड़ मतदाताओं में से दो करोड़ 63 लाख मतदाताओं यानी कुल मतदाताओं की संख्या के 99.50 प्रतिशत के बीच गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं।
वहीं 87.99 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो चुका है। मुख्य चुनाव पदाधिकारी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा की गई जानकारी के अनुसार राज्यभर में अभी 2,20,368 गणना प्रपत्रों का संग्रह होना बाकी है।
मुख्य चुनाव पदाधिकारी ने सभी बीएलओ को निर्देश दिया है कि शेष गणना प्रपत्रों का जल्द संग्रह कर उनका डिजिटाइजेशन भी शीघ्र पूरा करें, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान समय पर सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
यह भी पढ़ें- झारखंड में जानकारी के अभाव में SIR से कोई ना हो वंचित, CM हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को दिए निर्देश