मसूड़ों में हो रही बार-बार सड़न बढ़ा सकती है टेंशन! तुरंत कराएं मधुमेह की जांच
स्वस्थ शरीर के साथ दांतों का स्वस्थ रहना भी महत्वपूर्ण है। मधुमेह न केवल किडनी और हृदय को प्रभावित करता है, बल्कि दांतों और मसूड़ों में भी संक्रमण बढ़ ...और पढ़ें

मसूड़ों में सड़न बढ़ा सकती है टेंशन। (AI Generated Image)
HighLights
मधुमेह से मसूड़ों में सड़न, सूजन और रक्तस्राव का खतरा।
हाई ब्लड शुगर पेरियोडोंटल रोग का मुख्य कारण बनता है।
नियमित जांच और मुंह की स्वच्छता मधुमेह रोगियों के लिए अनिवार्य।
डॉ. मोहन गोप, धनबाद। स्वस्थ शरीर की तरह दांतों को भी स्वच्छ व स्वस्थ रहना जरूरी है। लेकिन यदि दांतों व मसूड़ों में बार-बार सड़न, सूजन, रक्तश्राव होना मधुमेह का कारण भी हो सकता है।
मधुमेह होने पर केवल किडनी, ह्दय, आंखें नहीं प्रभावित होती है, बल्कि दांतों व मसूड़ों में भी संक्रमण तेजी से बढ़ जाता है। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना गुप्ता बताती हैं कि मधुमेह लोगों में सबसे तेजी से बढ़ती बीमारी है। यह शरीर के अन्य अंगों के साथ दांत व मसूड़ों को भी तेजी से प्रभावित करती है।
मधुमेह के मरीजों को मसूड़ों की बीमारी पेरियोडोंटल रोग होने का खतरा आम दंत मरीजों से तीन से पांच गुना अधिक होता है।
हाई ब्लड शुगर के कारण मसूड़ों में संक्रमण, सूजन, खून आना और दांतों के कमजोर होकर गिरने की संभावना बढ़ जाती है। मसूड़ों का स्वास्थ्य सीधा ब्लड शुगर कंट्रोल से जुड़ा है, इसलिए मुंह की स्वच्छता अनिवार्य है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है।
मधुमेह कर देता है मसूड़ों को कमजोर
डॉ. वंदना बताती हैं कि मधुमेह शरीर को संक्रमण से लड़ने में धीमा कर देता है, जिससे मसूड़ों के संक्रमण को ठीक होने में समय लगता है। धीरे-धीरे मसूड़ों में सड़न आने लगती है।
इसके साथ रक्त वाहिकाओं के मोटा होने से मसूड़ों को पोषक तत्व कम मिलते हैं, जिससे मसूड़े कमजोर हो जाते हैं। मधुमेह रोगियों में प्यास ज्यादा लगती है, इससे मुंह सूखने लगता है। ऐसे लार की कमी से बैक्टीरिया पनपते हैं, जो मसूड़ों की बीमारी का कारण बनते हैं।
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इन बातों का रखें ख्याल
- मधुमेह के स्तर को नियंत्रित रखना सबसे जरूरी है
- दिन में दो बार ब्रश करें, मुलायम ब्रिसल वाले टूथब्रश का उपयोग करें।
- दिन में कम से कम एक बार दांतों के बीच फंसी गंदगी साफ करें।
- मधुमेह रोगी हर तीन माह पर डेंटिस्ट को दिखाएं।
- धूम्रपान करने वाले मधुमेह के मरीजों में मसूड़ों की समस्या ज्यादा बढ़ा देती है।
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