धनबाद के पेट्रोल पंपों पर मिलने लगा E20 ईंधन, माइलेज घटने की मिली शिकायतें; एक्सपर्ट ने दी ये सलाह
धनबाद के पेट्रोल पंपों पर अब E20 पेट्रोल की आपूर्ति शुरू हो गई है, जिससे पुरानी गाड़ियों के माइलेज में कमी और तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। ...और पढ़ें
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HighLights
धनबाद में E20 पेट्रोल की आपूर्ति तेजी से शुरू।
पुरानी गाड़ियों के माइलेज में कमी, रुकने की समस्या।
विशेषज्ञों ने पुरानी गाड़ियों के लिए जांच की सलाह दी।
जागरण संवाददाता, धनबाद। पूरे देश के साथ-साथ अब कोयलांचल धनबाद के भी पेट्रोल पंपों पर भी ई20 (20 प्रतिशत एथेनाल मिश्रण वाले) पेट्रोल की आपूर्ति तेजी से शुरू हो गई है।
धनबाद के लगभग सभी पंपों पर अब मुख्य रूप से ई20 पेट्रोल हीं मिल रहा है, जिसके कारण उपभोक्ताओं के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है और वे इसे ही डलवाने को मजबूर हैं। इस नए ईंधन के बाजार में आते ही स्थानीय लोगो और वाहन चालकों के बीच असमंजस, डर और भ्रम का माहौल पैदा कर दिया है खासकर उन्हें जिनके पास 2025 से पहले की पुरानी गाड़ियां हैं।
हालांकि अन्य राज्यों से आ रही तकनीकी खराबी की खबरों के बाद भी अब तक एथेनाल मिश्रित पेट्रोल के कारण किसी भी गाड़ी का इंजन खराब होने का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन पेट्रोल पंपो पर आने वाले लोगों की माने तो ई20 के आने के बाद पुरानी गाड़ियों के माइलेज व रुक रुक कर बंद होने की बातें कही गई।
इसमें हीरापुर के श्री राम पेट्रोल पंप पर पेट्रोल ले रहे बरमसिया के राहुल शर्मा ने बताया कि उनकी बाइक तकरीबन 12 साल पुरानी है हाल के कुछ दिनों से माईलेज की कमी से परेशान है उन्होनेें बताया कि बाइक रुक रुक कर हिचकोले भी खा रही है।
वहीं इस बात की पुष्टी एसोसिएशन के महासचिव रंजीव राणा ने भी की है। उन्होंने बताया कि आम नागरिकों के दिमाग में यह सेट है कि पेट्रोल पंप से पेट्रोल काम दिया जा रहा है लेकिन अब लोग इस बात को समझ रहे हैं कि पंप से पेट्रोल काम नहीं दिया जा रहा है बल्कि ई20 पेट्रोल मिलने के कारण माइलेज में थोड़ी कमी आ गई है साथ ही साथ पंपो पर इस समस्या का भी जिक्र करते हैं कि अब पुरानी गाड़ियों में स्टार्टिंग समस्या उत्पन्न होने लगी है इसका मूल कारण ई20 पेट्रोल है।
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वहीं तकरबन 40 वर्षों से इंजन मैकेनिक के रूप में काम कर रहे गोविंदपुर के अनुभवी विशेषज्ञ रजाक अंसारी का मानना है कि नया ई20 ईंधन पर्यावरण के अनुकूल तो है और इससे प्रदूषण पर लगाम लगेगी, लेकिन पुरानी तकनीकी बनावट वाले इंजनों के लिए यह भविष्य में चुनौतियां पैदा कर सकता है।
उन्होंने कहा वर्ष 2025 के बाद लांच होने वाली नई गाड़ियों के इंजन को इस ईंधन से कोई खतरा नहीं है, क्योंकि आधुनिक गाड़ियों में कंपनियों ने पहले से ही ई20 अनुकूलन प्रणाली स्थापित कर दी है। नई गाड़ियों की टंकी में दोहरा मोटर सिस्टम और उन्नत सेंसर तकनीक दी गई है जो इंजन और गाड़ी के तापमान के आधार पर इथेनाल की आपूर्ति को नियंत्रित करती है।
वहीं इसके विपरीत 2025 से पहले की पुरानी गाड़ियों के इंजन इस मिश्रण को पूरी तरह झेलने के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए हैं। जब पुरानी गाड़ियों में ई20 पेट्रोल का लगातार उपयोग होगा तो इथेनाल की जल-शोषक टंकी के निचले हिस्से में नमी पैदा कर सकती है, जिससे भविष्य में जंग लगने की समस्या शुरू होने का खतरा है।
यह स्थिति आगे चलकर गाड़ी के फ्यूल इंजेक्टर, फ्यूल टैंक और मोटर पंप को प्रभावित कर सकती है, जिससे गाड़ियों में अचानक झटका लेने, चलते-चलते बंद होने या माइलेज में गिरावट जैसी तकनीकी समस्याएं आ रही हैं।
एक्सपर्ट की सलाह
- अपनी कार या बाइक के फ्यूल कैप (टैंकी के ढक्कन) या ओनर मैनुअल पर देखें। अगर वहां ई20 कंपोनेंट्स लिखा है तो बिना किसी डर के इसका इस्तेमाल करें।
- अगर आपकी गाड़ी पुरानी है, तो किसी अच्छे मैकेनिक से फ्यूल लाइन्स और कार्ब्यूरेटर की जांच करा लें। समस्या कम हो जाएगी।
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मेरे पास साल 2021 माडल की पेट्रोल कार है। जब से बाजार में नया इथेनाल मिश्रित पेट्रोल मिलना शुरु हुआ है तब से मैं चिंतित हूं। हालांकि अभी मेरी गाड़ी ठीक चल रही है। लेकिन मैकेनिकों और तकनीकी खबरों को सुनकर डर लगता है कि कहीं भविष्य में कोई दिक्कत न आ जाए।
राजन कुमार सिन्हा, मनईटांड
बाजार में मिल रहा नया पेट्रोल पर्यावरण के लिए तो ठीक है, लेकिन हम जैसे पुराने वाहन मालिकों के लिए यह मानसिक चिंता का विषय बन गया है। हाल के महिनों मेें हमारी गाड़ी का माइलेज कम हो गया है। और हिचकोले भी खा रही है शुरुआती दौर में लगा कि बारिश की वजह से समस्या है लेकिन यह नई पेट्रोल की के करण एसा हो रहा है।
अमित कुमार पुराना बाजार
सरकार को पेट्रोल पंपों पर नार्मल पेट्रोल और ई20 जैसे सभी विकल्प खुले रखने चाहिए। चूंकि जनता ईंधन की पूरी कीमत चुकाती है, इसलिए उन्हें अपनी गाड़ी के माडल और सुविधा के अनुसार ईंधन चुनने की पूरी आजादी होनी चाहिए ताकि वाहन चालकों को परेशानी न रहे।
रंजीव राणा, महासचिव, कोलफील्ड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन, धनबाद
2023-24 या उसके बाद के वाहन सुरक्षित है इन गाड़ियों को कंपनियों ने नए नियमों (बीएस6 फेज 2) के तहत ई20 ईंधन के लिए ही डिजाइन किया है। इनमें परफार्मेंस और बेहतर होगी। लेकिन साल 2023 से पुराने वाहनों के इंजन तो इसे झेल सकते हैं लेकिन इथेनाल में मौजूद नमी के कारण लंबे समय में गाड़ी के पुराने रबर पार्ट्स, फ्यूल लाइन्स या कार्ब्यूरेटर पर असर पड़ सकता है।
रजाक अंसारी, 70 वर्षीय आटोमोबाइल एक्सपर्ट, गोविंदपुर