ईसीएल की कोलियरियों से कोयला तस्करी का भंडाफोड़, अभिकर्ता ने पीछा कर पकड़ा हाइवा
ईसीएल की कोलियरियों से कोयले की तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। बैजना कोलियरी के एक अभिकर्ता ने कोयला ले जा रहे एक हाइवा को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, जिस ...और पढ़ें

कोयला लेकर जा रहा पकड़ा गया हाइवा।(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
अभिकर्ता ने बैजना कोलियरी से कोयला हाइवा पकड़ा।
हाइवा बिना कांटे और पासिंग के निकल रहा था।
जांच से बड़े कोयला तस्करी रैकेट का खुलासा संभव।
संस, जागरण निरसा (धनबाद)। कोयला तस्कर अब कोलियारियों से उत्पादित कोयले की तस्करी करने से बाज नहीं आ रहे। कोलियरियों से बड़े पैमाने पर कोयले का हेरा-फेरी हो रही है। इसका भंडाफोड़ शनिवार की शाम बैजना कोलियरी ओसीपी में देखने को मिला। कोलियरी के अभिकर्ता संदीप कुमार ने कोलियरी से कोयला लेकर जा रहे हाइवा को पीछा कर गोविंदपुर थाना क्षेत्र के बरबा एवं ईस्ट इंडिया मोड़ के समीप पकड़ा। हाइवा को गोविंदपुर थाना के हवाले कर दिया गया।
यह है मामला
जानकारी के अनुसार बैजना कोलियरी के अभिकर्ता संदीप कुमार संध्या में ओसीपी की ओर गए थे। इसी दरमियान उन्होंने देखा कि एक हाइवा कोयला लेकर ओसीपी से निकल रहा है। परंतु उन्हें संदेह उसे वक्त हुआ जब हाइवा कांटा न करा सीधे कोलियरी से निकलने लगा।
अभिकर्ता ने इस संबंध में कोलियरी में कार्यरत इंचार्ज से मामले की जानकारी ली। इंचार्ज ने कहा कि उक्त हाइवा ने कांटा नहीं कराया है। उन्होंने कहा कि उक्त हाइवा का ट्रांसपोर्टिंग का पासिंग भी अपने यहां से नहीं है। इसके बाद अभिकर्ता संदीप कुमार का संदेह यकीन में बदल गया। उन्होंने एक दो कर्मी को लेकर अपनी गाड़ी से उक्त हाइवा का पीछा किया।
कोयला लोड हाइवा सेंट्रल पुल रेलवे साइडिंग की ओर न जाकर गोपालगंज के पास से एनएच 19 धनबाद की ओर मुड़ गया। अभिकर्ता गाड़ी का पीछा करते रहे तथा मामले की जानकारी सीआइएसफ एवं ईसीएल सिक्योरिटी टीम को दी।
इसी दरमियान हाइवा चालक को मामले की भनक लग गई। उसने बरबा एवं ईस्ट इंडिया मोड़ के आसपास हाइवा को खड़ा जीटी रोड पर खड़ा कर गाड़ी से उतर कर भाग खड़ा हुआ। अभिकर्ता गाड़ी के पीछे थे। सीआइएसफ एवं सिक्योरिटी की टीम भी पहुंच गई।
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जांच से बहुत बड़े गोरख धंधे का हो सकता है खुलासा
सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि दिन दहाड़े कोलियरी से उत्पादित कोयले को कोयला तस्कर कैसे निकाल कर अन्यत्र ले जा रहे हैं। निश्चित रूप से इस खेल में ईसीएल के पदाधिकारी आउटसोर्सिंग कंपनी के पदाधिकारी एवं अन्य कई सफेदपोश चेहरे शामिल होंगे। इससे पहले क्या पता कितना ही कोयला इसी तरह हाइवा से अन्यत्र टपा दिया गया होगा।
यह एक मामला बैजना कोलियरी ओसीपी का सामने आया है। ईसीएल मुगमा क्षेत्र में कई ओसीपी संचालित हो रहे हैं। निश्चित रूप से वहां से भी कोयला तस्करों का ईसीएल द्वारा उत्पादित कोयले की हेरा फेरी कर रहे होंगे। यदि इस मामले की गहराई से जांच की जाए तो कई सफेद पोश चेहरे बेनकाब होंगे। साथ ही कोल इंडिया के राजस्व के घाटे की जानकारी सामने आ सकेगी।