यह छापेमारी देर रात तक जारी थी। अब तक की छापेमारी में आरोपितों के ठिकानों से ईडी ने डेढ़ करोड़ रुपये नकदी के अलावा 150 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस, म्यूचुअल फंड आदि को जब्त की है। इसके अलावा छापेमारी में भारी मात्रा में अचल संपत्ति से संबंधित सेल डीड मिले हैं, जिसकी कीमत करीब 500 करोड़ रुपये होंगे।
सभी डीड का सत्यापन होगा। सभी दस्तावेज व निवेश से संबंधित कागजातों का सत्यापन चल रहा है। छापेमारी पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
गौरतलब है कि कोयला घोटाले के इस मामले में ईडी ने चार अलग-अलग एनफोर्समेंट केस इन्फार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज कर पूरे मामले में जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी को सूचना है कि एलबी सिंह व उसके सहयोगियों ने अवैध तरीके से कोयला खनन, परिवहन व भंडारण से भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की है।
गत वर्ष छापेमारी में मिले थे दो करोड़ से अधिक नकदी
गत वर्ष 21 नवंबर 2025 को ईडी ने एलबी सिंह व उनके सहयोगियों के धनबाद और दुमका स्थित करीब 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस छापेमारी में ईडी को डेढ़ सौ से अधिक जमीन के दस्तावेज और दो करोड़ 20 लाख रुपये नगदी मिले थे।
ईडी को छानबीन में अवैध तरीके से कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से संबंधित साक्ष्य मिले थे। छानबीन के क्रम में ही दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ईडी ने यह छापेमारी की है।
| क्रम | नाम / व्यक्ति | स्थान | छापेमारी का स्थान / विवरण |
| 1 | एसके शर्मा | गांगुली कॉम्प्लेक्स | कार्यालय |
| 2 | अनिल गोयल | टिकियापाड़ा | आवास |
| 3 | अनिल गोयल | कपुरिया | कोयला भट्टा |
| 4 | अनिल गोयल | गोमो | कोयला भट्टा |
| 5 | सबीर आलम (अनिल गोयल के करीबी) | पुराना बाजार | क्राउन प्लाजा होटल एवं आवास |
| 6 | हरेंद्र चौहान (झामुमो नेता व उपमेयर अरुण चौहान के भाई) | लोयाबाद | आवास |
| 7 | अमन कनोड़िया (हार्ड कोक कारोबारी) | शांति भवन | कार्यालय |
| 8 | रंजीत सिंह | शिमला बहाल | आवास |
| 12 | विजय पासवान | झरिया | आवास |
| 13 | पप्पू मंडल | बैंक मोड़ | आवास |
| 14 | रोहित यादव | तेतुलिया, कतरास | आवास |
| 15 | माधव सिंह | मेमको मोड़ (नालंटा कॉटेज) | आवास |
| 16 | रितेश शर्मा | राज आंगन अपार्टमेंट | आवास |
| 17 | सुभाष साव | चौथाईकुल्ही | आवास |
| 18 | अन्य लोग | धैया (रामचंद्र रेसिडेंसी) | आवास |
सीढ़ी से चढ़ी ईडी, पर दूसरे का था घर
नालंदा काटेज में रहने वाले माधव सिंह के यहां ईडी की टीम सुबह छह बजे ही पहुंच गई थी। टीम को माधव सिंह के घर की सही जानकारी नहीं थी।
माधव सिंह के बगल वाले घर का काफी देर तक टीम ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। जब दरवाजा नहीं खुला तो टीम सीढ़ी के सहारे उस घर के छत पर चढ़ गई। बाद में पता चला कि यह आवास माधव सिंह का नहीं है। फिर इसके बाद टीम माधव सिंह के आवास पर छापामारी शुरू की।