यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बरसाती दिनों में सरकारी स्कूल के बच्चों को नहीं मिलेगा पत्तेदार सब्जियों से बना भोजन, शिक्षा विभाग का आदेश जारी
शिक्षा विभाग ने बरसाती दिनों में सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को दिए जाने वाले मध्यान भोजन (मिड डे मील) को लेकर हरी पत्तेदार सब्जियों से बने भोजन दे ...और पढ़ें

HighLights
- मध्याहन भोजन के लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए जारी की नई गाइडलाइन
- मिड डे मील में करेला, परवल, भिंडी और तोरई की सब्जी से बने भोजन पर दिया जोर
- बरसात के दिनों में हरी पत्तेदार सब्जियों में पाए जाते हैं कई तरत के किटाणु
जागरण संवाददाता, धनबाद। बरसात के दिनों में हरी पत्तेदार सब्जियां (Green Leafy Vegetables) मध्याहन भोजन (Mid Day Meal) के तहत छात्र-छात्राओं को देने पर शिक्षा विभाग ने रोक लगा दिया है। विभाग ने मध्यान भोजन को लेकर सभी सरकारी स्कूलों को एक मानक और गाइडलाइन जारी किया है।
इसके तहत इन दिनों एमडीएम में करेला, परवल, भिंडी और तोरई की सब्जी ही देने का निर्देश दिया गया है। विभाग के इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत जिला शिक्षा अधीक्षक ने दी है।
हरी पत्तेदार सब्जियों से बच्चे हो सकते हैं बीमार
जारी गाइडलाइन के अनुसार बताया गया है कि बरसात के दिनों में रूट वेजिटेबल और हरी पत्तेदार सब्जियों में कई तरत के किटाणु पाए जाते हैं। जिससे बच्चे बीमार हो सकते हैं। इसलिए इन दिनों विशेष रुप से सावधानी बरतने की जरूरत है।
इसके अलावा एमडीएम कीचन की प्रतिदिन सफाई करने, बर्तनों को साफ रखने और स्वच्छता के प्रति छात्र-छात्राओं को भी हिदायत देते रहने का आदेश दिया गया है।
यह भी बताया गया है कि बच्चों के भोजन में लहसून का भी भरपूर प्रयोग करें। यह कई औषधीय गुणों से भरा हुआ है। इतना ही नहीं बच्चों को मौसमी फल भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
बीमारियों का बढ़ जाता खतरा
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत ही मध्याहन भोजन का निर्माण किया जाना है। ऐसे में जरूरी है कि मध्याहन भोजन बनाने वाली महिलाओं को भी बरसात के दिनों में सेवन की जाने वाली सब्जियों की जानकारी हो।
इसके तहत निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाना है। यह बताया गया है कि बरसात के दिनों में बहुत से बीमारियों के बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि पोषण युक्त भोजन उन्हें उपलब्ध कराया जाए।