BBMKU के दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने छात्रों को दी नेक सलाह, करियर से आगे की भी सोचें
बीबीएमकेयू धनबाद के दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने छात्रों को संबोधित करते हुए करियर से आगे सोचने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार ...और पढ़ें

दीक्षांत समारोह में डिग्री प्रदान करते राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार।
HighLights
बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय
220 विद्याथियों को राज्यपाल ने किया सम्मानित
जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद टाउन हाल में शुक्रवार को बीबीएकेयू के दूसरे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में नियमित शैक्षणिक सत्र सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि विश्वविद्यालयों में कुछ मूलभूत समस्याओं की कमी है, लेकिन इसे दूर करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जा रहा हैं।
मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दी बधाई
राज्यपाल ने कहा कि राज्य की सामाजिक परंपरा, जनजातीय संस्कृति, सामुदायिक जीवन और सम्मान की भावना पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के बाद समाज को नई दिशा देने की जिम्मेदारी भी विद्यार्थियों पर होती है। विद्यार्थियों केवल शिक्षा प्राप्त कर करियर बनाना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए। बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका तय करना चाहिए।
वंचित वर्गों के छात्रों प्रति शिक्षक और छात्र दोनों रहे संवेदनशील
राज्यपाल ने इस दौरान कहा कि समाज में शिक्षक और विद्यार्थियों की अहम भूमिका होती हैं । इसलिए दोनों को समाज में अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को समाज के मुख्यधारा से जोड़ने के हमेशा आगे रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।
सीखने की जिज्ञासा रखने वाले विद्यार्थी बढ़ते हैं आगे
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री पाना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज व राष्ट्र के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है। उन्होंने कहा कि निरंतर सीखने की जिज्ञासा और कौशल निखारने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी ही प्रतिस्पर्धा के इस युग में आगे बढ़ते हैं।
खबरें और भी
शोध, नवाचार पर विशेष ध्यान दे विद्यार्थी
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे शोध, नवाचार और ज्ञान संस्कृति को मजबूत करें, ताकि यहां से निकलने वाला हर विद्यार्थी राष्ट्र का गौरव बढ़ा सके। उन्होंने कहा कि आज का युग कौशल, तकनीक और नवाचार का है। युवाओं को केवल नौकरियों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि स्वयं अवसर सृजित करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
शिक्षण कार्य केवल पठन पाठन तक न हो सीमित
झारखंड वन, खनिज, पर्यटन और कृषि आधारित उद्योगों का केंद्र है, जहां अपार संभावनाएं हैं। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों और स्थानीय उद्यमियों के साथ साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों को कैंपस सिलेक्शन के अधिक अवसर मिल सकें। शिक्षकों की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता होते हैं। इसलिए शिक्षण कार्य केवल पठन-पाठन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में भी उनका योगदान अनिवार्य है।
220 विद्यार्थियों को राज्यपाल ने किया सम्मानित
दूसरे दीक्षांत समारोह में वर्ष 20 19 से 2023 सत्र के पीएचडी, पीजी, यूजी एमबीबीएस, एलएलबी, बीसीसीए एएमएड नर्सिंग के 220 विद्यार्थियों को राज्यपाल ने को गोल्ड मेडल, प्रमाणपत्र और उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया।